नमस्कार दोस्तों, आज के इस लेख में हम SDM क्या होता है? SDM Ka Full Form क्या है? SDM कैसे बने? और साथ ही SDM के क्या कार्य होते है? के बारे में जानने वाले है! यदि आप सरकारी नौकरी प्राप्त करना चाहते है या फिर सरकारी जॉब की तैयारी कर रहे है! तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए इस पोस्ट को जरूर पूरा पढ़े!

एसडीएम एक PCS रैंक का अधिकारी होता है! अधिकतर छात्र बड़े बड़े शहरो में जाकर आईएएस और PCS की तैयारी करते है! PCS की परीक्षा को सबसे अधिक कठिन परीक्षाओ में एक माना जाता है! इसलिए PCS की परीक्षा के लिए छात्र दिन रात मेहनत और घंटो पढ़ाई करते है!

तो चलिए बिना किसी देरी के आगे बढ़ते हैं और SDM क्या होता है? SDM Ka Full Form क्या है? एसडीएम कैसे बने? और साथ ही SDM के क्या कार्य होते है? के बारे में विस्तार से जानते हैं!

SDM Ka Full Form

[ SDM Kya Hota Hai – SDM Ka Full Form ]

SDM पुरे जिले में डीएम यानी की डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के बाद का सबसे ऊचा और सम्मानीय सरकारी पद होता है!

एसडीएम का फुल फॉर्म – SDM Ka Full Form 

SDM Full Form: एसडीएम का फुल फॉर्म Sub Divisional Magistrate होता है! यह एक सम्मानीय और सर्वोच्च पद होता है और इस पद की बहुत ज्यादा गरिमा होती है!

SDM Full Form in Hindi: हिंदी में एसडीएम का पूरा नाम उप प्रभागीय न्यायाधीश होता है और एक जिले में एक ही उप प्रभागीय न्यायाधीश की नियुक्ति की जाती है

एसडीएम क्या होता है – SDM Kya Hota Hai 

SDM Kya Hota hai: एसडीएम एक ऐसा प्रशासनिक पद होता है! यह जिला स्तर पर होने वाले मुख्य विभाग जैसे प्रशासन, विकास, न्याय व्यवस्था और आम जनता से जुडी सभी प्रकार की व्यवस्थाओं के प्रति मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है! एक SDM आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 व अन्य नाबालिग कृत्यों के तहत अलग अलग कार्यवाही करने का अधिकारी होता है! 

जिस तरह UPSC के द्वारा आईएएस और आईपीएस पदों पर भर्तियां की जाती है! और उसके बाद एसडीएम का चयन होता है! उसी तरह पीसीएस एग्जाम के बाद डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी व अन्य पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियां की जाती है! सभी परीक्षा क्लियर होने के बाद अंत में SDM पद की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के पदाधिकरियों द्वारा की जाती है!

एसडीएम अधिकारी का तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पर सीधा नियंत्रण होता है! कई बार अलग अलग प्रदेशों में यह कर्म बदलता भी रहता है! 

एसडीएम बनने के लिए आयु सीमा – Age Limit For SDM in Hindi

SDM बनने के लिए सभी वर्गों के लिए एक ही आयु सीमा नहीं होती है! इसमें अलग अलग वर्गों के लिए अलग अलग आयु निर्धारित की गयी है!

S No.वर्गन्यूनतम आयुअधिकतम आयु
1.जरनल वर्ग21 वर्ष40 वर्ष 
2.ओबीसी वर्ग21 वर्ष45 वर्ष 
3.SC और ST वर्ग21 वर्ष45 वर्ष 
4. दिव्यांग वर्ग21 वर्ष55 वर्ष 

एसडीएम कैसे बनें – SDM Kaise Bane

SDM Kaise Bane: एसडीएम के चयन के लिए भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा हर राज्य के लिए प्रसाशनिक परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है! सबसे पहले जान लेते हैं एसडीएम बनने के लिए क्या Qualification चाहिए-

  • SDM बनने के लिए आप किसी भी युनिवेर्सिटी से ग्रेजुएशन होने चाहिए!
  • ग्रेजुएशन 55 प्रतिशत से ऊपर अंकों के साथ होना जरूरी है! 
  • अगर आपने कोई भी डिप्लोमा किया है तो आप Apply नहीं कर सकते हैं!
  • अगर आप ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष के छात्र हैं तो आप अप्लाई कर सकते हैं!

ग्रेजुएशन के बाद दो तरीकों से एसडीएम बनने के लिए अप्लाई कर सकते हैं! 

  • संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा (UPSC Exam)
  • राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा (State PCS Exam)

1. संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा (UPSC Exam)

आप ग्रेजुएशन के बाद UPSC (Union Public Services Commission) की परीक्षा लिए आवेदन कर सकते हैं! इसे संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा भी कहते हैं! इस परीक्षा को क्लियर करने के बाद IAS Officer को पहली पोस्ट एसडीएम की ही मिलती है! उसके कुछ सालों बाद एसडीएम ऑफिसर डीएम बनते हैं!

संघ लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के लोकसेवा आयोग के पदों के लिए परीक्षाओं का सञ्चालन करवाता है! संविधान में अनुच्छेद 315 – 323 में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के गठन का प्रावधान निहित है!   

2. राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा (State PCS Exam)

एसडीएम बनने का यह दूसरा तरीका होता है जिसमे PCS Exam को क्लियर करना होता है! इसे हिंदी में राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा भी कहते हैं! इस परीक्षा के लिए स्नातक की पढाई पूरी करनी होती है! इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश लोक सेवा आयोग कराता है! 

जो भी अभ्यर्थी इस परीक्षा में टॉप रैंकिंग लाते हैं तो उनका सीधे एसडीएम पोस्ट के लिए चयन किया जाता है! उसके कुछ सालों बाद प्रमोशन के बाद डीएम का पद दिया जाता है! कभी कभी State PCS Exam में कम रैंकिंग वालो का चयन नायब तहसीलदार पद के लिए भी किया जाता है!  

एसडीएम परीक्षा कितने चरणों में होती है?

SDM Exam मुख्यतः तीन चरणों में संपन्न की जाती है –

  1. प्रारम्भिक परीक्षा (Preliminary Exam)
  2. मुख्य परीक्षा (Main Exam)
  3. साक्षात्कार (Interview)

1. प्रारम्भिक परीक्षा (Preliminary Exam)

एसडीएम बनने के लिए प्रारम्भिक परीक्षा दो प्रश्न पत्रों में होती है, जिसमें मुख्यतः सामान्य ज्ञान के सवालों को पूछा जाता है! ये दोनों प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के होते है जिसमें अभ्यर्थी को पास होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाने होते हैं! 

2. मुख्य परीक्षा (Main Exam)

प्रारम्भिक परीक्षा को क्लियर करने के बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाती है! इस Main Exam में कुल 8 प्रश्न पत्र होते हैं! शुरू के दो प्रश्न पत्र 150 – 150 अंकों के होते हैं बाकि प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के होते हैं! 150 अंकों के प्रश्न पत्र हिंदी से संबंधित होते हैं! उसके बाद 4 प्रश्न पत्र सामान्य ज्ञान और अंतिम के दो प्रश्न पत्र वैकल्पिक विषय से जुड़े होते हैं! 

3. साक्षात्कार (Interview)

जो भी अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा क्लियर कर लेते हैं वही साक्षात्कार में हिस्सा ले सकते हैं! इसमें योग्यता के आधार पर इंटरव्यू लिए जाता है! इंटरव्यू में पैनल द्वारा आपसे सवाल पूछे जाते हैं! पैनल अगर अभ्यर्थी के इंटरव्यू से संतुष्ट हो जाते हैं! तो आगे अभ्यर्थी का चयन सीधे SDM के पद पर कर दिया जाता है! 

एसडीएम की सैलरी कितनी होती है – SDM Ki Salary Kitni Hoti Hai

एसडीएम को ग्रेड पे स्तर पर न्यूनतम वेतन 54 हजार से लेकर 68 हजार और अधिकतम 1 लाख वेतन दिया जाता है! SDM के वेतन में अलग अलग प्र्देशों में अंतर् देखा जा सकता है! समय समय पर वेतन ग्रेड में वृद्धि होती रहती है जिससे कुल वेतन में बढ़ोतरी हो जाती है! 

अगर साथ में एसडीएम को मिलने वाली सुविधाओं की बात करें तो एक SDM अधिकारी को सुरक्षा गार्ड, एक ड्राइवर, कुछ घरेलू नौकर, रसोइया और माली दिया जाता है! ड्राइवर की नियुक्ति सिर्फ सरकारी आधिकारिक वाहन के लिए ही की जाती है! 

एसडीएम के कार्य क्या होते हैं? – SDM Ka Kya Kaam Hota Hai

अब आप जान गए होंगे की एसडीएम क्या होता है और SDM Ka Full Form क्या होता है? तो चलिए अब जानते है की जिला स्तर प एक अनुमंडल अधिकारी के रूप में एसडीएम के कार्य क्या होते हैं?

  • एसडीएम का जिला स्तर पर सभी अधिकारीयों को निर्देशित करने के साथ साथ अनुमंडल स्तर पर कोई भी नियोजन कार्य को सँभालने का कार्य होता है!
  • एसडीएम जिला और अनुमंडल के बीच एक ब्रिज की तरह कार्य करते हैं! अनुमंडल एक प्रशासनिक इकाई होती है! एक जिले में कई अनुमंडल हो सकते हैं! 
  • जिले में विवाह का रजिस्ट्रेशन और लोकसभा व राज्य विधानसभा चुनाव को सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी एसडीएम की ही होती है! 
  • एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में यदि किसी महिला की मौत शादी के 7 साल के अंदर होती है, तो उस जिले के एसडीएम को अधिकार होता है कि वह मौत की घटना की निष्पक्ष जाँच के आदेश दे! 
  • किसी भी सरकारी योजनाओं को पूर्णतं लागू करना या निरीक्षण करना भी एसडीएम का मुख्य कार्य होता है!
  • अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूमि का लेखा जोखा भी एसडीएम करता है!
  • वैधानिक प्रमाण पत्र, जैसे अनुसूची जाति जनजाति से सम्बंधित और सभी पिछड़े वर्ग से संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण करना एसडीएम का कार्य होता है!  

निष्कर्ष – Conclusion

आज के सी पोस्ट में हमने SDM क्या होता है? SDM Ka Full Form क्या है? SDM कैसे बने? और साथ ही SDM के क्या कार्य होते है? जाना! साथ ही एसडीएम बनने के लिए आयु सीमा क्या होती है? एसडीएम का वेतन कितना होता है और एसडीएम के क्या कार्य होते हैं? एसडीएम कैसे बनें? SDM बनने के लिए योग्यता और SDM की परीक्षा कितने चरणों में सम्पन्न होती है? भी विस्तार से जाना! 

हमें उम्मीद है आज के इस पोस्ट से आपको SDM पद के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा! अगर आप अपना कोई भी जरूरी सुझाव देना चाहते हैं तो हमारे कमेंट बॉक्स में लिखकर दे सकते हैं!

आपका पूरी पोस्ट पढ़ने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद! 

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों का ख्याल रखें!

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