Hi दोस्तों, क्या आपको पता है इंटरनेट पर फिशिंग अटैक क्या है? (Phishing Attack Kya hai) और फिशिंग अटैक से कैसे बचें? यदि आप एक इंटरनेट यूजर है तो आपको अपने ऑनलाइन निजी जानकारी को हैकर से सुरक्षित रखने के लिए Phishing Attack क्या है? और Phishing Attack से कैसे बचें? के बारे में जानकारी होना आवश्यक है! तो यदि आप अपने Online Data को Secure रखना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े!

दरअसल Phishing Attack करके हैकर्स द्वारा Internet Users के साथ धोखेबाजी करके उनसे उनकी निजी जानकारी जैसे की E-mail ID, Password और Bank Details इत्यादि चुरा ली जाती है! और उस जानकारी का गलत उपयोग किया जाता है!

आज के समय में लगभग हर व्यक्ति ख़ासकर पड़े लिखे और रोजगार कर रहे युवाओ का पूरा डेटा जैसे की – एजुकेशन सर्टिफिकेट, डेबिट, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स और यहाँ तक की सोशल मीडिया एकाउंट्स के Login ID, पासवर्ड भी ऑनलाइन इंटरनेट में सेव किये होते है! और इनमे से अधिकतर लोगो को यह नहीं पता होता है की आखिर कैसे इस प्रकार की निजी और महत्वपूर्ण जानकरी को कैसे सुरक्षित रखना होता है?

इसलिए आप और हम जैसे सभी इंटरनेट उसेर्स के लिए आज का यह विषय बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है! तो चलिये इस आर्टिकल को शुरू करते है और जानते है की आखिर इंटरनेट पर फिशिंग क्या है? (Phishing Kya Hai), फिशिंग अटैक क्या है? (Phishing Attack Kya hai) और फिशिंग अटैक से कैसे बचें?

What is Phishing in hindi

विषय - सूची

फिशिंग का हिंदी मीनिंग – Phishing Meaning in Hindi

Phishing Meaning in Hindi: फिशिंग का हिंदी अर्थ इलेक्ट्रॉनिक जालसाजी या फिर ऑनलाइन जालसाजी होता है! यह ऑनलाइन जालसाजी, इंटरनेट Users को नकली ईमेल id या सोशल मीडिया के द्वारा झूठे लुभावने ऑफर या फिर नकली वेबसाइट के लिंक भेजकर की जाती है! 

फिशिंग अटैक क्या है – Phishing Attack Kya Hai

Phishing Attack Kya Hai: फिशिंग अटैक एक तरह का स्कैम होता है जिसमें इंटरनेट पर लालच देकर या फिर फर्जी वेबसाइट लिंक बनाकर, या मोबाइल नंबर और  किसी फर्जी फेसबुक अकाउंट के जरिये Internet Users की निजी जानकारी जैसे की उसके सोशल मिडिया अकाउंट का पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड विवरण या  फिर बैंक अकाउंट की गोपनीय जानकारी को हैक करने की कोशिश की जाती है!

हैक करने वाला व्यक्ति पहले धोखे से उपभोक्ता को अपने झांसे में ले लेता है! जिससे उसे उपभोक्ता की सभी जरूरी चीजों को हैक करने में आसानी हो जाती है! जिस तरह मछली को जाल में फसाने के लिए मछली को चारा दिखाया जाता है और मछली पकड़ी जाती है! 

उसी तरह ऑनलाइन जालसाजी में हैकरों द्वारा कई लोगो को ऑनलाइन जालसाजी का शिकार बनाया जाता है! और इसमें चारा होता है भरोसा या फिर लोगो का हैकर पर विश्वास कर लेना!   

फिशिंग अटैक में जो अपराधी होते हैं वो आपके मोबाईल में संदेश, कॉल, या फिर फर्जी ईमेल भेजते हैं! और ये कॉल, संदेश या ईमेल बैंक के ईमेल से, आपके क्रेडिट संबंधी संदेश या फिर ऑनलाइन शॉपिंग से मिलते जुलते होते हैं इसलिए कई लोग समझ नहीं पाते हैं और धोखा खा जाते हैं!  

इन अपराधियों का मकसद सिर्फ आपकी पर्सनल इन्फॉर्मेशन को चुराने की होती है! जैसे आपका, एटीएम कार्ड का पिन, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स, बैंक खाता नंबर या फिर कोई भी Activity के बाद प्राप्त होने वाला ओटीपी कोड.

फिशिंग अटैक कितने प्रकार के होते हैं – Types of Phishing in Hindi 

आज के समय में करीब 80 % फिशिंग अटैक ऑनलाइन हो रहे हैं! और इसमें हैकरों द्वारा नई – नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है!

तो चलिये आगे जान लेते हैं की फिशिंग अटैक कितने प्रकार के होते हैं!

  1. क्लोन फिशिंग (Clone Phishing)
  2. स्पीयर फिशिंग (Spear Phishing)
  3. व्हेलिंग फिशिंग (Whaling Phishing)
  4. फेक यूआरएल फिशिंग (Fake URL Phishing)
  5. फोन फिशिंग (Phone Phishing)

1. क्लोन फिशिंग (Clone Phishing)

क्लोन फिशिंग में हैकर फर्जी ईमेल बनाकर फिशिंग करते हैं! जिस भी ईमेल आईडी से फिशिंग की जाती है वह एक Duplicate Id होती है! आपके पास Attacker Bank की Mail या फिर किसी जरूरी चीज से मिलती जुलती Mail भेजते हैं और उपभोक्ता को लगता है कि यह साधारण मेल है!

भरोसे में आकर उपभोक्ता लॉगिन कर लेते हैं! एक बार लॉगिन करने के बाद दोबारा लॉगिन करने के लिए बोला जाता है! पहली बार लॉगिन जब किया जाता है तब ही उपभोक्ता की सारी Important Details जो फिशिंग करते हैं हैकरों के पास चली जाती है! 

क्लोन फिशिंग में हैकर उपभोक्ता की मेल आईडी से ही उन यूजर्स को मेल भेजते हैं जो हैक की हुई मेल आईडी में कॉन्टेक्ट ऑप्शन में Save रहते हैं! क्लोन फिशिंग फर्जी फेसबुक आईडी व वेबसाइट बनाकर भी की जाती है! 

2. स्पीयर फिशिंग (Spear Phishing)

इस तरह की फिशिंग किसी भी व्यक्तिगत सुचना को पाने के लिए की जाती है! हैकर्स को व्यक्ति की सुचना पहले से ही मालूम रहती है और यह जानकारी हैकर ऑनलाइन प्राप्त कर लेते हैं! इसलिए करीब 70 से 90 प्रतिशत स्पीयर फिशिंग नए तकनीकों की सहायता से की जाती है!

3. व्हेलिंग फिशिंग (Whaling Phishing) 

जैसे की आप व्हेल नाम से ही समझ गए होंगे! इसमें अक्सर किसी भी बड़े अधिकारी या फिर बड़े बिजनेसमैन को फिशिंग का टारगेट बनाया जाता है! हैकर्स हर सम्भव कोशिश करते है की कैसे न कैसे बड़े बिजनेसमैन या बड़े ऑफिसर की पर्सनल डिटेल्स निकाल लें! इसमें हैकर कुछ क़ानूनी प्रक्रियाओं की कॉपी भी कर लेते हैं जिससे उपभोक्ता झांसे में आ जाते है! 

4. फेक यूआरएल फिशिंग (Fake URL Phishing)

इस तरह की Phishing में किसी भी जरूरी वेबसाइट के फेक यूआरएल डिजाइन किये जाते हैं! कई बार उपभोक्ता अगर अपने बैंक या फिर किसी अन्य जरूरी साईट में काम कर रहे होते हैं! तो अटैकर उनके पास मिलता जुलता फेक यूआरएल लिंक भेजते हैं!

उपभोक्ता को लगता है कि वह सही यूआरएल का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं होता है और उपभोक्ता हैकर के द्वारा बनाये फेक लिंक में पहुँच जाते हैं!इसे होमफोग्राफ हमला भी कहा जाता है!

5. फोन फिशिंग (Phone Phishing) 

इस तरह की फिशिंग में डुप्लीकेट आईडी द्वारा लिए गए मोबाईल नंबर का इस्तेमाल किया जाता है! अधिकतर हैकर द्वारा उपभोक्ता को उसके बैंक से जुडी समस्याओं में उलझाया जाता है! उपभोक्ता को गलत तरिके से पेमेंट्स एप्प का इस्तेमाल करवाया जाता है! 

हैकर उपभोक्ता को पैसों का लालच देकर या फिर कोई भी ऑनलाइन ऑफर बताकर उपभोक्ता से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा लेते हैं! उपभोक्ता को लगता है कि उसे फोन किसी बैंक या फिर अन्य विश्वसनीय कंपनी से आया है!

इसलिए उपभोक्ता कभी कभी पूरी जानकारी हैकरों को दे देते हैं जिससे उनको नुकसान उठाना पड़ जाता है! 

फिशिंग करने के कई अन्य तरिके भी होते हैं जिनमें नई तकनीकों को अधिक अपनाया जाता है! हैकर एक मजबूत डुप्लीकेट नेटवर्क बनाते हैं जिसके जरिये वो लोगों के कंप्यूटर में अवैध पॉपअप या फिर संदेश भेजते हैं!

उपभोक्ताओं को लगता है कि कंपनी द्वारा उनसे परसनल जानकारी के लिए अनुरोध किया जा रहा है! इस तरह से उपभोक्ता द्वारा दी गयी सही जानकारी हैकरों के पास चली जाती है! 

फिशिंग से बचने के लिए क्या करें? – Phishing Se Kaise Bache

आज के समय में Internet का उपयोग सभी लोग बहुत अधिक कर रहे हैं तो ऐसे में आपको ऑनलाइन होने वाली सभी Activity के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए! फिशिंग से बचने के लिए आपको कुछ सावधानियां हैं जिनका यूज करना आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है! 

  • Email पर आने वाले किसी भी मार्केटिंग ऐड पर तुरंत क्लिक न करें! बैंक से या किसी अन्य कंपनी से आने वाली मार्केटिंग ईमेल पर भरोसा न करें! 
  • कभी कभी तो फिशिंग अटैक के शिकार हुए लोगों की सारी जमा पूंजी भी उड़ जाती है! इसलिए अपने खाते की जानकारी कभी भी किसी को ना दें!
  • किसी भी Online Payment App का Use करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें! गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले उस Application Review जरूर पढ़ लें! यूज न होने पर Payment App को Log Out कर दें!
  • किसी भी Website में Visit करने से पहले URL को जाँच लें! आप चेक कर लें कि URL https:// से शुरू हो रहा है या नहीं! यहां पर S का मतलब Secure होता है! अगर URL http:// से शुरू हो रहा है तो उस Website Url को visit ना करें! 
  • कभी भी किसी भी अनजान कॉल को ना उठायें! आप कोई भी टोल फ्री नंबर पर व किसी अन्य दूसरे नंबर पर तभी बात करें जब वह नंबर पहले आपने डॉयल किया हो! 
  • कभी भी बैंक द्वारा अगर आपके खाते से जुड़ी कोई भी जानकारी, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड या फिर किसी भी प्रकार के ओटीपी के लिए अनुरोध किया जाता है! तो उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी बिलकुल भी ना दें! क्योंकि बैंक कभी भी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए नहीं कहता है!

आज हमने क्या जाना – Conclusion 

इस हिंदी आर्टिकल में हमने फिशिंग अटैक क्या है? (Phishing Attack Kya Hai) फिशिंग अटैक कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Phishing in Hindi) फिशिंग अटैक से बचने के लिए क्या करें? और फिशिंग का हिंदी मीनिंग क्या है (Hindi Meaning of Phishing Attack) के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की!

उम्मीद है आप इस पोस्ट से Phishing Attack के बारे में अच्छे से जान चुके होंगे! और यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो इस लेख को जरूर लिखे करें और सोशल मिडिया में अवश्य शेयर करें! 

हमारी यह पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों का ख्याल रखें!

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