Rate this post

Hello दोस्तों, आज के इस हिंदी लेख में हम RTI Full Form, RTI Act Kya Hai, आरटीआई एक्ट की शुरुआत कब हुई थी और आरटीआई के लिए आवेदन कैसे करें? के बारे में बताने वाले है! RTI हमारे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लागु किया गया एक अधिनियम है!

RTI यानी की सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आप किसी भी सरकारी विभाग या फिर गैर सरकारी संस्थान से उसके विकास कार्यो और कुल खर्च किये पैसे का हिसाब किताब पूछ सकते है!

आज के समय में सबसे अच्छी बात यह है की आप किसी भी सरकारी विभाग या गैर सरकारी संस्थान से उनके कार्यो और आवश्यक सूचना की जानकारी प्राप्त करने के हेतु घर बैठे ऑनलाइन आरटीआई केलिए आवेदन कर सकते है!

तो चलिए बिना किसी देरी के इस हिंदी आर्टिकल को शुरू करते है और RTI Full Form, आरटीआई एक्ट क्या है?, RTI Kya Hai, आरटीआई एक्ट की शुरुआत कब हुई थी और आरटीआई के लिए आवेदन कैसे करें? के बारे में विस्तार से जानते है!

What is RTI in Hindi

अक्सर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा देने के बाद उनके परिणाम यानी की रिजल्ट प्राप्त होने में बहुत समय लग जाता है! या फिर कभी – कभी रिजल्ट के बारे में कुछ पता ही नहीं लग पता है!

ऐसे में छात्र अपने सूचना के अधिकार मतलब की RTI Act के तहत उस विभाग से आवश्यक सूचना प्राप्त कर सकते है!

  1. PIB क्या है इसके क्या फायदे होते हैं?

विषय - सूची

आरटीआई का फुल फॉर्म क्या है – RTI Full Form Kya Hai in Hindi

RTI Full Form: आरटीआई का फुल फॉर्म Right to Information होता है! इस एक्ट के तहत भारत का नागरिक किसी भी सरकारी और गैर सरकारी विभाग से आवश्यक सूचना को प्राप्त कर सकता है!

RTI Full Form in Hindi: आरटीआई का हिंदी में फुल फॉर्म सूचना का अधिकार होता है! यह अधिनियम सरकारी तंत्र और आम जनता के बीच में पारदर्शिता बनाने और व्यवहारिक शासन को मजबूत करनेहेतु तैयार किया गया! 

[ RTI Full Form – RTI Act Kya Hai in Hindi ]

आरटीआई क्या है – RTI Act Kya Hai in Hindi 

RTI Act Kya Hai: वह एक्ट जिसके तहत प्रत्येक भारतीय नागरिक,देश के किसी भी सरकारी और गैर सरकारी विभाग से आवश्यक जानकारी की मांग कर सकता है! उसे आरटीआई एक्ट अर्थात सुचना का अधिकार कहते है!

सरकारी विभाग जिससे यह जानकारी मांगी गयी है, को 30 दिनों के भीतर इस RTI का जवाब देना होता है! 

भारत के प्रत्येक नागरिक को यह सूचना का अधिकार भारतीय सविधान द्वारा प्रदान किया गया है!

सूचना का अधिकार का Meaning है जो सूचना अधिकार कानून लागू करने वाला देश अपने सभी नागरिकों को देता है! इस अधिकार के द्वारा राष्ट्र अपने नागरिकों को, अपने कार्य व शासन प्रणाली को सार्वजनिक करता है! 

हमारा देश लोकतान्त्रिक है! इस देश में समय समय पर जनता अपने अनुसार किसी एक व्यक्ति को सरकार चलाने का मौका देती है!

किन्तु अधिकतर सरकारों ने ईमानदारी और अपने दायित्वों का पालन नहीं किया है जिससे भ्र्ष्टाचारी नीतियां जन्म लेती हैं!

इसलिए प्रत्येक नागरिक को यह हक़ दिया जाता है, कि सरकारी विभागों में हो रहे कामों का पता लगाया जा सके! प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रूप में सरकार को टैक्स देता है!

इसलिए हर नागरिक को सूचना के अधिकार प्रक्रिया की जानकारी जानने का अधिकार है कि इस टैक्स की राशि का किस रूप में उपयोग या दुरूपयोग किया जा रहा है! 

अगर आपके गांव में या गली में कोई सरकारी निर्माण कार्य चल रहा है और आपको लगता है कि सरकारी काम सही तरह से नहीं हो रहे हैं ग्राम प्रधान या ठेकेदार धांधली कर रहे है तो आप इस पर भी आरटीआई डाल सकते हैं! 

विदेशों में आरटीआई एक्ट बना हुआ है लेकिन इसके नियम भारत के नियमों से अलग है! मैक्सिको में देश के नागरिकों को सूचना लेने का धिकार और समाचार पत्रों में सूचना को प्रकाशित करने का भी अधिकार है! सूचना को जारी करना भारतीय आरटीआई एक्ट में भी शामिल है लेकिन राज्य सरकारें इसे लागू नहीं करवाती है! 

आरटीआई एक्ट कब लागू हुआ – RTI Act Implemented in Hindi

भारत में आरटीआई एक्ट को 15 जून 2005 को पारित किया गया था! इस RTI Act के अंतर्गत आने वाली सभी धाराओं को 12 अक्टूबर 2005 को लागू किया गया!

भारत में बढ़ते भ्र्ष्टाचार को रोकने के लिए भारत की संसद में सूचना के अधिकार प्रक्रिया को पास किया गया! 

आरटीआई एक्ट का उद्देश्य क्या है – RTI Purpose in Hindi

  • आरटीआई एक्ट का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को सशक्त बनाना है!
  • सरकारी कामों में पारदर्शिता व सरकार की जवाबदेही को आरटीआई एक्ट में प्रमुखता दी गयी है!
  • देश में लोकतंत्र के अंतर्गत सभी सरकारी जन प्रतिनिधियों के कर्तव्य को स्पष्ट करना भी RTI Act का मुख्य उद्देश्य है! 

आरटीआई एक्ट में मुख्य धाराएं – Main sections in RTI Act in Hindi

  • धारा 6(1) – RTI लिखने का हक यह धारा हमें देती है! 
  • धारा 6 (3) – आपका लिखा गया आवेदन गलत विभाग में चला गया! तो विभाग इसको इस धारा के अंदर 5 से 7 दिन के अंदर सही विभाग में भेजेगा! 
  • धारा 7 (5) – BPL Card Holder के लिए आवेदन शुल्क शून्य! 
  • धारा 7 (6 ) – अगर जवाब 30 दिन के अंदर नहीं मिला तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी!
  • धारा (18) – संबंधित अधिकारी द्वारा जवाब नहीं देने पर शिकायत की जा सकती है! 
  • धारा 19 (3) –  पहली आरटीआई पत्र का जवाब नहीं मिलने पर 90 दिन के अंदर दूसरी अपील की जा सकती है! 

आरटीआई में क्या जानकारी मांग सकते हैं?

RTI Act में आप सरकार या सरकारी योजना से जुडी जानकारिया प्राप्त कर सकते हैं! जो की इस प्रकार निम्न लिखित है;

  • देश का हर नागरिक सरकारी योजना में आय व्यय से जुड़े सवाल सरकारी विभागों से पूछ सकते हैं!
  • आरटीआई एक्ट के अंतर्गत देश का कोई भी नागरिक गैर सरकारी विभाग से भी जानकारी ले सकते हैं! जैसे कोई Non Government School (गैर सरकारी स्कूल) NGO (एनजीओ) या अन्य Government Department.  
  • आपके क्षेत्र में सरकारी गल्ले की दुकान, सरकारी समितियां, कॉलेज, हॉस्पिटल इत्यादि से आप आय व्यय, या विस्तारित स्वरूप की जानकारी ले सकते हैं! 
  • देश के सभी सरकारी विभाग, राष्ट्रपति, प्रधानमत्री, मुख्यमंत्री, बिजली विभाग, कृषि विभाग, बैंक अन्य और भी विभाग आरटीआई एक्ट के अंतर्गत आते हैं! 
  • Defense Securities के बारे में आप कोई भी जानकारी आरटीआई एक्ट के माध्यम से नहीं ले सकते हैं! अगर किसी मांमले में Court ने रोक लगाई हो तो आप उसकी जानकारी नहीं ले सकते हैं! 
  • किसी भी व्यक्ति के बारे में निजी जानकारी लेना RTI Act से बाहर है! धारा 8 और धारा 24 के अंतर्गत इन सभी बातों को दर्शाया गया है! 

आरटीआई एक्ट के क्या फायदे हैं – Benefits of RTI Act in Hindi

  • RTI एक्ट द्वारा भ्रस्टाचार से जुडी शिकायतों को दर्ज कराया जा सकता हैं! इसके साथ सरकारी विभागों को भ्रस्टाचार से बचाया जा सकता है! भ्र्ष्टाचार के खिलाफ यह अच्छा कदम है! 
  • इस एक्ट के माध्यम से पारदर्शिता और सभी नागरिकों के अधिकार की बात को मुख्य माना जाता है! 
  • सरकारी संस्थान से जुड़े सभी जानकरियों को सार्वजनिक किया जा सकता है! 
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा क्या प्रोजेक्ट चलाये जा रहे हैं! इन प्रोजेक्ट में कितना बजट खर्च हो चुका है या कितना होने वाला है साथ में यह भी जानकारी ली जा सकती है कि सरकार द्वारा कितना बजट पास किया गया था! 
  • आरटीआई एक्ट के माध्यम से छात्र परीक्षाओं से जुडी जानकारियां भी प्राप्त कर सकते हैं! Passport, पीएफ फंड, इनकम टैक्स या टैक्स रिफंड जैसे मामलों में इस एक्ट की मदद ली जा सकती है! 
  • किसी भी सरकारी विभाग व उसके कर्मचारियों की बढ़ती निष्क्रियता पर आप सवाल उठा सकते हैं! शिकायतें उच्च विभाग को कर सकते हैं! 
  • किसी भी घटित घटना के बारे में जानना,कितने व्यक्ति की मृत्यु हुई अगर उसको सरकारी मुआवजा मिलना है! तो यह जांनकारी लेना की मुआवजा मिला या नहीं यह सब आरटीआई के माध्यम से जाना जा सकता है! 

आरटीआई के लिए आवेदन कैसे करें – RTI Ke Liye Apply Kaise Kare

सूचना के अधिकार प्रक्रिया की जानकारी- वर्तमान में आप बहुत ही कम Time में RTI के लिए आवेदन (Apply Online) कर सकते हैं!

यदि आप RTI के लिए आवेदन करना चाहते है तो आप बड़ी आसानी से भारत सरकार के Official Website www.rti.gov.in पर जाकर कर सकते है!

RTI Kya Hai in Hindi
RTI Meaning in Hindi
  • पहले Login कर लें! आगे Apply to RTI पर click करें और Online Apply Form भर ले!और सब्मिट कर दें!
  • अब आगे Online Fee Pay कर लें! यहां पर आप Debit Card, Credit Card या UPI से Online Fee Pay कर सकते हैं! 
  • आरटीआई की Official Website पर जाकर आप यहां से आवेदन फॉर्म Download भी कर सकते हैं! 
  • आप आरटीआई के आवेदन के लिए आवेदन पत्र खुद भी लिख सकते हैं! इसके लिए आप Internet के माध्यम से किसी भी आवेदन पत्र की सहायता ले सकते हैं! 
  • हाथ से लिखे आवेदन पत्र को E Postal Order के माध्यम से संबंधी विभाग को भेज सकते हैं! 
  • RTI आवेदन का जवाब आपको 30 दिनों के अंदर प्राप्त हो जायेगा! 

आरटीआई लगाने में कितना खर्च आता है?

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए एक बयान में सूचना का अधिकार पाने की प्रक्रिया में मात्र 50 रूपये की फ़ीस लगेगी और फोटोकॉपी शुल्क 5 रूपये प्रति पेज होगा! यह सभी सरकारी संसथान में लागू होगा! 

आरटीआई फाइल करने का ऑफलाइन तरीका – How to File RTI Offline

Offline Process of RTI in Hindi: आज के समय में बहुत लोग ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन भी आरटीआई फाइल करते हैं हम आपको सूचना के अधिकार प्रक्रिया की जानकारी Step by Step बताएँगे कि Offline RTI File करने का प्रक्रिया जो की इस प्रकार निम्न है: 

Step 1.

सबसे पहले आप यह तय कर ले कि आप किस प्रकार की जानकारी पाना चाहते हैं और किस विभाग से सम्बंधित वह जानकारी है! 

Step 2.

अब आपको एक सफेद पेपर सीट पर आवेदन आवश्यक सामग्री लिखें और सूचना को भेज दीजिये!

Step 3.

प्रत्येक सरकारी विभाग में एक लोक जन सूचना अधिकारी मौजूद रहता है! जिसे आप अपना RTI Apply Form भेज सकते हैं! 

Step 4.

आवेदन सामग्री लिखते समय विषय में “आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत सूचना की प्राप्ति” लिखें! 

Step 5.

आप आवेदन पत्र लिखते समय अंग्रेजी, हिंदी व क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग कर सकते हैं! 

Step 6.

RTI Apply Form लिफाफे में तारीख और 10 रूपये का Postal Order जरूर Attach करें! 

Step 7.

आवेदन पत्र लिफाफे के बाहर अपना नाम, पूरा पता, मोबाईल नंबर जरूर लिखें और नजदीकी Registered Office में भेज दें! 

आरटीआई फाइल किस भाषा में कर सकते हैं?

किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई फाइल RTI आवेदन पत्र में English, Hindi व Local Language का प्रयोग किया जा सकता है! 

आरटीआई एक्ट से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां

  1. अगर 30 दिनों के अंदर भेजी गयी RTI File की कोई सूचना आपको प्राप्त नहीं होती है, तो आप प्रथम अपीलीय अधिकारी से अपील कर सकते हैं!
  2. जवाब की संतुष्टि नहीं होने पर 30 दिन के भीतर Central Information Commission (केंद्रीय सूचना आयोग) में अगली RTI File की जा सकती है! 
  3. CIC (केंद्रीय सूचना आयोग) द्वारा भी कोई सूचना नहीं मिलने पर विभाग के अधिकारीयों पर उचित दंड का भी प्रावधान है! 
  4. 2019 में लोकसभा में Right to Information Amendment (सूचना का अधिकार संसोधन बिल) पास किया गया! 
  5. विभाग के सूचना अधिकारी का दायित्व है कि वह 30 दिन अथवा स्वतंत्रता के मामले में 48 घण्टे के अन्दर मांगी गई Information उपलब्ध कराए।
  6. भारत के संविधान निर्माताओं ने RTI Act के बारे में संविधान में कोई जिक्र नहीं किया था इस एक्ट के बारे में बात-विवाद 1975 से शुरू हुए! 
  7. इस मामले को 1975 के बाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचाया गया! उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के कहने पर धारा 19 (A) के तहत अभिव्यक्ति के दायरे को बढ़ाने के साथ इसकी शुरआत हुई! 

तो इस तरह काम करता है आरटीआई एक्ट, जिससे हम अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का प्रयोग तो करते ही हैं! साथ में सरकारी कामकाजों पर भी हम अपनी नजर बना सकते हैं जिससे भारत को भ्रस्टाचार मुफ्त बनाने में यह अहम पहल का एक उदाहरण बन सके! 

सूचना अधिकार के तहत आवेदन (RTI) लिखने का तरीका

चलिए अब जानते है की आखिर आरटीआई आवेदन कैसे लिखें? तो आरटीआई आवेदन लिखने के लिए आपको केवल एक A4 साइज के सादे कागज की जरुरत होती है! इसके बाद आप इस सादे पेपर में निचे दिए गये प्रारूप का उपयोग करके आसानी से आरटीआई लिख सकते है!


सेवा में,                                                                                         Date ……….

सीपीआईओ/पीआईओ ( अधिकारी का पद / जनसूचना अधिकारी)
विभाग का नाम………………………………….
विभाग का पता………………………………….
पिन कोड…………………………………………..
विषय: सूचना का अधिकार क़ानून  (RTI) Act 2005 के अंतर्गत सूचना प्राप्ति के लिए आवेदन
महोदय / महोदया,
             सूचना का अधिकार  क़ानून -2005 के अंतर्गत नीचे लिखे प्रश्नों का लिखित उतर देने की कृपा करें.
प्रश्न-1…………………………………..
प्रश्न-2………………………………….
प्रश्न-3………………………………….
प्रश्न-4………………………………….
प्रश्न-5………………………………….
………………………………….

मेरे द्वारा मांगी गई जानकारी के लिए शुल्क के रूप में पोस्टल ऑर्डर/ बॅंक ड्राफ्ट का नंबर…………………….. जारी करने की तारीख……………..राशि……………संलग्न है.
OR
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूँ इसलिए मुझे सूचना का अधिकार लेने के लिए कोई शुल्क नही देना है. मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं…………..है।

यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग से सम्बंधित नहीं हो तो सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए कृपया मेरा आवेदन सम्बंधित विभाग और सूचना अधिकारी को पांच दिनों के समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें!
साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।

भवदीय:
नाम:………………..…………..
पता:……………..……………..
फोन नं:……….…………………

( हस्ताक्षर करें )
फिर अपना पूरा नाम और पता लिखें
…………….……………..………….
Pin Code…..……………………….
Mobile No…………………………..


इन्हें भी पढ़ें 

FAQs Frequently Asked Questions

Q1. आर टी आई की फीस कितनी है?

Ans. प्रत्येक राज्य का आरटीआई शुल्क अलग अलग होता है इसके अलावा केंद्र से सुचना मांगने में आपको 20 रूपये देना होता है और एक पेपर कॉपी के 2 रूपये लगते है!

Q2. आरटीआई का जवाब कितने दिनों में आता है?

Ans. RTI का जवाब 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देता है!

Q3. आरटीआई का जवाब न आने पर क्या करें?

Ans. यदि आरटीआई का जवाब ना मिले या प्राप्त की गयी सुचना से आप संतुष्ट न हो तो सुचना के अधिकार अधिनियम के अनुच्छेद 19(1) के तहत एक अपील दायर की जा है! प्रत्येक विभाग में प्रथम अपीलीय अधिकार कार्यरत होता है!

Q4. प्रथम अपीलीय अधिकारी कौन होता है?

Ans. कलेक्टर द्वारा नामित अपर कलेक्टर प्रथम अपीलीय अधिकारी होता है!

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने [RTI Full Form – RTI Act Kya Hai], आरटीआई के लिए आवेदन कैसे करें? और आरटीआई एक्ट से जुड़ी कई अलग अलग जानकारियां के बारे में जाना!

आरटीआई एक्ट के अंतर्गत किन प्रकार की धाराओं को शामिल किया गया है आरटीआई फाइल करने का ऑफलाइन तरीका क्या है What is the Offline process of RTI in Hindi.  

साथ में हमने जाना कि किस प्रकार की जानकारी हम आरटीआई एक्ट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं! दोस्तों हमने यह भी जाना कैसे हम आरटीआई एक्ट के तहत कोई भी सरकारी कामकाज या अन्य जानकारी पाने हेतु कैसे आवेदन कर सकते हैं How to apply for RTI Online, यह आवेदन आप Online भी कर सकते हैं! 

आप हमारे [ RTI Meaning in Hindi – आरटीआई के लिए आवेदन कैसे करें ] इस पोस्ट को Share (Facebook, WhatsApp, Twitter में) अवश्य करें! साथ में हमारे इस हिंदी ब्लॉग को Subscribe भी कर लें! 

इस पोस्ट को पूरा पढ़ने हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद! 

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों का ख्याल रखें!

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here