हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है! अक्सर ग्रामीण विकास व ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि में कभी ज्यादा मुश्किलें आती है! ऐसे में जब नाबार्ड की बात आती है तो किसान भाइयों को अक्सर जानने की उत्सुकता रहती है! नाबार्ड क्या है NABARD kya hai in Hindi कैसे हम इससे अच्छे ब्याज दर लोन ले सकते हैं?

देश  व राज्य की सरकार को सरकारी नीतियों के अंतर्गत किसान की समस्याओं का समाधान निकालना होता है! NABARD कृषि की तमाम नई तकनिकी, वित्तीय और उत्पादन के क्षेत्र में काम करने वाला प्रमुख संस्थान है। 

NABARD in Hindi

क्या आप  जानते हैं भारत में कितने नाबार्ड बैंक है (NABARD Bank in india) इससे पिछले हिंदी ब्लॉग में हमने आपको Kishan Credit Card किसान क्रेडिट कार्ड क्या है? उसी तरह आज जानेंगे NABARD kya hai? NABARD का Full Form in Hindi इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी जानेंगे!

इसके साथ ही आज हम आप तक कृषि से सम्बंधित एक ऐसी वित्तीय संस्था के बारे में बताने जा रहे हैं जो मुख्यतः कृषि पर मिलने वाले लोन से सम्बंधित है।आइये जानते हैं NABARD kya hai in Hindi इसे कृषि के क्षेत्र में कैसे परिभासित करेंगे? 

हम यह भी जानेंगे इसमें कितने तरह का लोन मिलता है और किस तरह से यह काम करता है। साथ में हम यह भी जानेंगे भारत में NABARD Bank की संख्या कितनी है? (NABARD Bank in india)) आइये जानते हैं:

Full-Form of NABARD

NABARD का English में full form National for Agriculture and Rural Development होता है! ग्रामीण अंचल में आर्थिक गतिविधियों के लिए नाबार्ड मान्यता प्राप्त है। 

Full Form of NABARD in Hindi

नाबार्ड का full form Hindi में राष्ट्रीय कृषि एंव ग्रामीण विकास बैंक होता है! सरकार की मुख्य योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा नाबार्ड से जुड़ा हुआ है।

नाबार्ड क्या है – NABARD in Hindi

NABARD ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि इकाई को प्रोत्साहन देने के लिए बनाया गया है! यह एक नेशनल बैंक है। ग्रामीण स्तर की सेवाओं के लिए नाबार्ड को संचालित किया जाता है! नाबार्ड एक Specialized Bank है।

भारत में तीन तरह के Specialized Bank हैं

1- NABARD (National for Agriculture and Rural Development)

2- SIDBI (Small Industries Development Bank of India

3- EXIM (Export Import Bank of India)

नाबार्ड में कृषि से संबंधित ऋण योजना, परिचालन के नीतिगत मामलों तथा ग्रामीण अंचल की आर्थिक परिस्थतियों को एक नया रूप दिया जाता है! कृषि से जुड़े लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, ग्रामीण उद्योग एंव हस्तशिल्प के विकास में ऋण प्रवाह के लिए नाबार्ड बहुत महत्वपूर्ण है।

NABARD की शुरुआत कब और कैसे हुई?

नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 में हुई! Shivraman Committee की सिफारिशों के आधार पर 1981 में इसे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के आधार पर प्रस्तुत किया गया 1981 में यह बिल भारत की संसद से पारित हुआ और 1982 में लागू किया गया। यह ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख एजेंसियों में से एक है!

नाबार्ड ने ACD (कृषि व ऋण विभाग), RBI (भारतीय रिजर्व बैंक), ऋण प्रकोष्ठ, कृषि पुनर्वित्त,और विकास निगम को प्रतिस्थापित करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। सुविधाजनक अधिदेश के साथ 1982 में नाबार्ड को शीर्ष बैंक की महत्वता प्रदान की गयी! 100 करोड़ की शुरुआती पूँजी में स्थापित नाबार्ड की 31 मार्च 2019 तक कुल चुकता पूँजी 12,580 करोड़ थी। भारतीय रिजर्व बैंक की शेयर पूँजी हिस्सेदारी में आज के समय में नाबार्ड पूर्ण स्वामित्व में है।

> NABARD की Official Website – https://www.nabard.org/

> NABARD का Facebook Page – NABARD Facebook Page

NABARD Toll Free Numbers

  • 022 2653 9895
  • 022 2653 9896
  • 022 2653 9899

NABARD में कितने प्रकार के Loan (ऋण) दिये जाते हैं?

इसमें क्रमशः तीन तरह के लोन किसानों को उपलब्ध कराये जाते हैं।

1- अल्पकालीन ऋण

यह Loan(ऋण) 3 महीने से 15 महीने के समय के लिए दिया जाता है! मुख्यतः इस प्रकार के लोन बीज खरीदने, फसलों के विपणन के लिए दिया जाता है

2- मध्यकालीन ऋण

इस प्रकार के लोन का समय 1 वर्ष से 5 वर्ष तक का होता है! इस अवधि में ऋण एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम के लिए होते है।

3- दीर्घकालीन ऋण

इस अवधि में ऋण 5 साल से 20 साल तक के लिये दिया जाता है। ज्यादा समय में होने वाली फसल व ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए यह ऋण दिया जाता है।

NABARD Bank in India – भारत में नाबार्ड बैंक

मुख्यतः भारत में NABARD Bank 6 हैं!

  • RRBs- Regional Rural Banks 
  • StCBs- State Cooperative Banks
  • DCCBs- District Central Cooperative Banks 
  • PACS- Primary Agricultural Credit Societies
  • SCARDBs- State Cooperative Agriculture and Rural Development Banks
  • PCARDBs- Primary Cooperative Agriculture and Rural Development Banks

NABARD Recruitment 2020 

युवा वर्ग के लिए भी नाबार्ड समय समय पर आवेदन का मौका देता है! नाबार्ड द्वारा कृषि वित्त विभाग में रिक्त पदों को भरने की बात कही गयी है (NABARD Recruitment 2020) नाबार्ड की सुविधाओं को घर घर तक पहुँचाने का यह एक बहुत अच्छा मौका हो सकता है!

NABARD Recruitment 2020 – नाबार्ड में प्रोजेक्ट मैनेजरों के इन पदों पर निकली हैं भर्तियां!

> NABARD Project Manager- नाबार्ड प्रोजेक्ट मैनेजर पद 

> Specialist consultant – स्पेस्लिस्ट कंसल्टेंट  

> Chief Data consultant – चीफ डाटा कंसल्टेंट  

> Cyber Security Manager- साइबर सिकियॉरिटी मैनेजर 

> Addition Cyber Security Manager- ऑडिशन साइबर सिकियॉरिटी मैनेजर 

नाबार्ड द्वारा इन सभी पदों पर उम्मीदवार के लिए आवेदन मांगे गए हैं! इन रिक्त पदों पर 23 अगस्त 2020 तक आवेदन किया जा सकता है! आवेदन शुरू होने की तारीख 7 अगस्त 2020 और आखिरी तारीख 23 अगस्त 2020 है!

योग्य उम्मीदवार  का चयन शैक्षिक योग्यता और अनुभव के आधार पर तय किया जायेगा! इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट जारी की जाएंगी जिनके नाम नाबार्ड की ऑफिशल वेबसाइट पर दिए जाएंगे!  

2020 में नाबार्ड में खास क्या है?

नाबार्ड के अंतर्गत वर्ष 2020 में डेयरी उद्यमिता विकास योजना को मुख्यतः बढ़ावा दिया गया है। नाबार्ड डेयरी योजना 2020 में दुग्ध उत्पाद व प्रोसेसिंग उपकरण के लिए नाबार्ड द्वारा सब्सिडी के साथ ऋण देने का प्रावधान है। विशेष बात यह है कि इसके अंतर्गत दिया जाने वाला ऋण में 50% की सब्सिडी दी जा रही है। यानि आपको 50 प्रतिशत ही अलग अलग किश्तों में बैंक को भुगतान करना होगा।

FAQ – Frequently Asked Questions about NABARD 

Q 1. नाबार्ड का हिंदी में पूरा नाम क्या है?

Ans. नाबार्ड का हिंदी में पूरा नाम राष्ट्रीय कृषि एंव ग्रामीण विकास बैंक है! 

Q 2. नाबार्ड के चेयरमैन कौन हैं?

Ans. वर्तमान में नाबार्ड के चेयरमैन Govinda Rajulu Chintala हैं! 

Q 3. नाबार्ड का मुख्यालय कहाँ है?

Ans. वर्तमान में नाबार्ड का मुख्यालय मुंबई में है!

Q 4. नाबार्ड का मुख्य कार्य क्या है?

Ans. नाबार्ड एक बैंक के रूप में कृषि, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, ग्रामोउद्योग, हस्तशिल्प, अन्य ग्रामीण शिल्प, ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य सम्बन्ध, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, विकास के लिए ऋण, अन्य सुविधाएँ प्रदान करने और विनियमित करने के लिए कार्य करता है!  

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निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में आपको एक और विशेष बात बताना चाहूंगा NABARD में राज्य सरकारों द्वारा 2020-21 के शेयर पूंजी अंशदान के लिए पारित राशि भी शामिल होगी। शेयर बाजार में यह अंशदान 8.5 % प्रतिशत की दर से उपलब्ध कराइ जाएगी। नाबार्ड में राज्य सरकारों का यह योगदान प्रतिवर्ष होता है।

आज के इस हिंदी ब्लॉग में हमने जाना NABARD Kya Hai? NABARD की full form in Hindi. हमने जाना भारत में नाबार्ड बैंक की संख्या कितनी है NABARD Bank in india हमने नाबार्ड में होने वाली भर्तियों के बारे में जाना! NABARD Recruitment 2020 

आशा करता हूँ हमारे इस हिंदी लोग से आपको बहुत जानकारियां प्राप्त हुई होंगी। कई किसान भाइयों तक सही समय से जनकारी नहीं पहुँच पाती है। जिससे वो सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। 

हमारा उद्देश्य है कि हर तरह की जानकारी को आप तक पंहुचाना। हमारे इस ब्लॉग से मिलने वाली तमाम जानकारियों को अपने दोस्तों के साथ रिश्तेदारों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सके। 

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