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Hello नमस्कार दोस्तों, क्या आपने कभी डीआरडीओ क्या है? (What is DRDO in Hindi) डीआरडीओ का फुल फॉर्म क्या है? (DRDO Full Form in Hindi) के बारे में सुना है? क्या आप इस संस्था से जुडी खास जानकारियों के बारे में जानते हैं!

डीआरडीओ देश की सुरक्षा से जुडी एक खास संस्था है जिसकी जानकारी आपको जरूर रखनी चाहिए! इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम डीआरडीओ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी बताने वाले हैं ताकि आप देश की रक्षा के मामले में हमेशा जागरूक रहें!

डीआरडीओ भारतीय सेना के लिए बहुत सारे कार्य करती है जैसे मिसाइल बनाना, सड़के बनाना, आधुनिक हथियार बनाना, युद्धपोतों का निर्माण करना, ड्रोन बनाना इत्यादि!

डीआरडीओ की कई ऐसी प्रयोगशालाएं हैं जहाँ आज के समय में आधुनिक उपकरणों का अविष्कार और टेस्टिंग चल रही है!

आज के इस पोस्ट में हम डीआरडीओ क्या है? (DRDO Kya Hai) डीआरडीओ का फुल फॉर्म क्या है (DRDO Full Form in Hindi) डीआरडीओ की स्थापना कब हुई? (DRDO Ki Sthapna Kab Hui) के बारे में जानेंगे! 

डीआरडीओ का फुल फॉर्म क्या है – DRDO Ka Full Form Kya Hai

DRDO Full Form in Hindi; डीआरडीओ का अंग्रेजी में फुल फॉर्म Defense Research and Development होता है!

इसका हिंदी में फुल फॉर्म रक्षा अनुसन्धान एंव विकास संगठन होता है! वर्तमान में डीआरडीओ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को रिपोर्ट करता है!   

डीआरडीओ क्या है – DRDO Kya Hai

What is DRDO in Hindi; रक्षा अनुसन्धान एंव विकास संगठन (DRDO) एक ऐसी संस्था है जो देश की रक्षा से जुड़े कार्यों को करने में हमेशा तत्पर रहती है!

डीआरडीओ तीनों सेनाओ से जुड़े कार्यों को करती है जैसे सेनाओं के लिए हथियार, सड़कें, पुल, ड्रोन बनाना हो या फिर अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण,  एयरक्राफ्ट, लड़ाकू विमान, सैन्य तोपें, चॉपर तैयार करना हो! 

वर्तमान में डीआरडीओ में तीस हजार से अधिक कमर्चारी कार्यरत हैं! आज के समय में पुरे देशभर में डीआरडीओ की 60 से अधिक प्रयोगशालाएं स्थापित हैं! जो इलेक्ट्रॉनिक और आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में लगातार कार्य कर रहीं हैं!

दिल्ली में डीआरडीओ की प्रयोगशाला महात्मा गाँधी मार्ग उत्तर पश्चिमी दिल्ली में है! रक्षा के क्षेत्र में कई ऐसी बड़ी परियोजनाएं है जो डीआरडीओ द्वारा चल रही हैं! 

डीआरडीओ संस्था में आज के समय में 5000 से अधिक वैज्ञानिक कार्यरत हैं और 26000 से अधिक अन्य वैज्ञानिक तकनीक और समर्थन के रूप में कार्य करते हैं!

लड़ाकू विमानों, हथियारो, रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, के विकास के लिए डीआरडीओ अनेक परियोजना उपलब्ध कराता है! 

डीआरडीओ की स्थापना कब हुई – DRDO Ki Sthapna Kab Hui

डीआरडीओ की स्थापना 1958 में भारत की सैन्य शक्ति को मजबूत बनाने के लिए की गयी! 1958 में डीआरडीओ सिर्फ 10 प्रयोगशाला वाला एक छोटा संगठन था! 

1947 में ग्वालियर के राजा जीवाजी राव सिंधिया के द्वारा एक प्रयोगशाला की शुरुआत की गयी जो बाद में डीआरडीओ संस्था के रूप में विकसित हुआ! 

तब इसे थल सेना के तकनिकी विभाग के रूप में स्थापित किया गया था! डीआरडीओ रक्षा मंत्रालय के अधीन होकर कार्य करती है!

वर्तमान में डीआरडीओ के चेयरमेन डॉक्टर डी सतीश रेड्डी हैं! डीआरडीओ का मुख्यालय डीआरडीओ भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के निकट है! 

About DRDO in Hindi

DRDO का फुल फॉर्म Defense Research and Development (रक्षा अनुसन्धान एंव विकास संगठन)
स्थापना 1958 में
मुख्यालय डीआरडीओ भवन नई दिल्ली
चैयरमेन डॉ. डी सतीश रेड्डी
आदर्श वाक्य (Moto)बलस्य मूलं विज्ञानम (शक्ति का आधार विज्ञान ही है)
सालाना बजट (Annual Budget)11,375.50 CR (US$1.5 billion)(2021–22)b
कर्मचारी संख्या 30000 Employees

डीआरडीओ का आदर्श वाक्य क्या है?

डीआरडीओ का आदर्श वाक्य बलस्य मूलं विज्ञानम है! इस आदर्श वाक्य का हिंदी में मीनिंग शक्ति का आधार विज्ञानं ही है” (Strength’s Origin is in Science) होता है! 

आप डीआरडीओ द्वारा रोजाना अपडेट की जाने वाली जानकारी डीआरडीओ की वेबसाइट https://www.drdo.gov.in/ में विजिट करके भी ले सकते हैं! 

डीआरडीओ क्या काम करता है – DRDO Kya Kaam Karta Hai

डीआरडीओ रक्षा उपकरण के साथ साथ रक्षा से जुड़े रिसर्च पर भी फोकस करता है! वर्तमान में डीआरडीओ नए आधुनिक ड्रोन के प्रयोगों और ड्रोन उपलब्ध करने पर काम कर रहा है! रक्षा के मामले में यह सबसे आगे रहने वाली संस्था है! 

देश को नई टेक्नोलॉजी से लैस करना, भारतीय सेना को नए डिफेन्स सिस्टम उपलब्ध करवाना डीआरडीओ का मुख्य कार्य होता है!

डीआरडीओ द्वारा तेजस एयरक्राफ्ट, पिनाका रॉकेट लॉन्चर, रडार वार्निंग रिसीवर, एयर डिफेन्स कंट्रोल सिस्टम, ड्रोन, मल्टीपर्पस रोबोट्स, सेटेलाइट विकसित करना, लड़ाकू विमानों के लिए पैरासूट इत्यादि उत्पाद बनाये गए हैं!

इन उत्पादों को बनाते वक्त डीआरडीओ द्वारा एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है ताकि भविष्य में समय रहते भारत देश किसी भी खतरे से निपट सके! डीआरडीओ द्वारा कोविड महामारी के दौरान भी कई सराहनीय कार्य किये गए!

कोरोना बीमारी से बचाने वाली दवाइयों को बनाने और लॉन्च करने के साथ देश के सभी राज्यों में बैड की व्यवस्था करने में भी डीआरडीओ ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई! 

डीआरडीओ की प्रमुख मिसाइल – DRDO Lunched Missile

DRDO द्वारा विकसित की गई मिसाइलों में पृथ्वी, त्रिशूल, अग्नि, आकाश, नाग, सागरिका मिसाइल शामिल हैं! DRDO द्वारा इन्हें अलग अलग वर्जन में लॉन्च किया गया! ये सभी मिसाइल सतह से सतह पर और सतह से आकाश में मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल हैं! 

S. No. मिसाइल नाम परीक्षण समय 
1.अग्नि 125  जनवरी 2002 
2.अग्नि 211 अप्रैल 1999 
3.अग्नि 3पहला परीक्षण 2006 में
4.अग्नि 420 जनवरी 2014 
5.अग्नि 519 अप्रैल 2012 
6.त्रिशूल 1989 में 
7.आकाश 2009 में 
8.नाग प्रथम 1990 में 
9.पृथ्वी जुलाई 1983 में 
10.सागरिका2010 में

डीआरडीओ में नौकरी पाने के लिए आप डीआरडीओ की वेबसाइट में विजिट करें! डीआरडीओ द्वारा समय समय पर वैकेंसी निकाली जाती है जिन्हें आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और ऑनलाइन ही आवेदन भी कर सकते हैं! 

डीआरडीओ में पोस्ट अलग अलग शैक्षिक योग्यता के आधार पर निकाली जाती है जिनमें क्लर्क, फायर इंजन ड्राइवर, टेक्नीशियन, ड्राइवर, रिसर्च एसोसिऐट इत्यादि की पोस्ट शामिल होती हैं! 

DRDO MTS Exam क्या है?

DRDO MTS Exam 2022 – डीआरडीओ हर साल MTS Exam (मल्टी टास्क स्टाफ) हेतु भर्तियां कराता है! इच्छुक उम्मीदवार इस एग्जाम के लिए ऑनलाइन या फिर डीआरडीओ की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर आवेदन कर सकते है!

यह एग्जाम दो चरणों में कराया जाता है! पहला एग्जाम सीबीटी 1 और दूसरा सीबीटी 2 होता है! 

दोनों एग्जाम 90-90 मिनट के होते हैं! जिनमें समान्य ज्ञान, सामान्य गणित, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य जागरूकता, जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग एबिलिटी विषय शामिल हैं!

2020 में डीआरडीओ द्वारा 1800 कर्मचारियों की भर्ती की गयी थी! आप डीआरडीओ एग्जाम पाठ्यक्रम 2022 हेतु डीआरडीओ की वेवसाइट में विजिट कर सकते हैं जहाँ पर आपको पाठ्यक्रम पीडीएफ फाइल में व्यवस्थित रूप में मिल जाता है! 

Conclusion

देश की सेवा और सुरक्षा करने का जज्बा हर किसी नागरिक के दिल में होता है फिर चाहे वह आम नागरिक या फिर किसी भी सेना का जवान! डीआरडीओ के कर्मचारी मुसीबत के समय भी मेहनत और लगन से कार्य करते हैं!

क्योंकि हम सबने देखा है कि कैसे कोरोना महामारी के दौरान कुछ ही दिनों में डीआरडीओ द्वारा अस्पतालों में बैड और अन्य व्यवस्था की गयी जिससे करोड़ों लोगों की जाने बची! 

इसलिए डीआरडीओ जैसी अग्रणी संस्था के बारे में सभी को अवश्य मालूम होना चाहिए! हमें उम्मीद हैं, डीआरडीओ क्या है? (DRDO Full Form in Hindi) यह आर्टिकल आपको जरूर पसंद आया होगा! आप इस जानकारी को सभी सोशल साइड में शेयर जरूर करें! 

आप सभी पाठकों का बहुत बहुत धन्यवाद!

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