Full Form of IMF – IMF क्या है? आईएमएफ क्या काम करता है?

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Hi नमस्कार दोस्तों, क्या आप जानते हैं आईएमएफ क्या है? (IMF Kya Hai in Hindi) और आईएमएफ का फुल फॉर्म क्या है? (IMF Full Form in Hindi ) क्या होता है जब किसी देश की अर्थव्यवस्था डूब जाए और वह देश कंगाल होने के कगार पर खड़ा हो जाए?

ऐसे में देश की गिरती हुई Economy को उठाने के लिए दुनिया के कई देशों ने मिलकर आईएमएफ संस्था बनायीं है जो किसी भी देश की गिरती हुई अर्थव्यवस्था को सँभालने में मदद करती है! 

आईएमएफ ऐसे देशों को कर्ज से उभरने के लिए धनराशि ऋण के रूप में देता है ताकि वह देश अपनी अर्थव्यवस्था को संभाल सके! कई बार लोग वर्ड बैंक और आईएमएफ को एक जैसी संस्था समझ लेते है! लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है!

World Bank किसी भी देश को तब पैसा देता है जब उस देश में किसी बड़े Project में काम होना है ताकि उस देश में रोजगार, व्यापार को बढ़ावा मिल सके और आईएमएफ तब कर्ज देता है जब देश की वित्तीय हालत बहुत ही खराब हो!

तो आज के इस आर्टिकल में आईएमएफ का फुल फॉर्म क्या है? (Ful Form of IMF in Hindi) आईएमएफ क्या है (IMF Kya Hai in Hindi) आईएमएफ क्या काम करता है (IMF Kya Kaam Karta Hai) के बारे में विस्तार से जानेंगे! 

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Full Form of IMF - IMF क्या है? आईएमएफ क्या काम करता है?

आईएमएफ का फुल फॉर्म क्या है – IMF Full Form in Hindi

IMF Ka Full Form – आईएमएफ का फुल फॉर्म International Monetary Fund है! हिंदी में आईएमएफ का फुल फॉर्म अंतरास्ट्रीय मुद्रा कोष होता है! यह एक तरह से पुरे विश्व में जो भी देश हैं उनकी एक संस्था है जो देशों को कर्ज मुहैया कराती है!

यह सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी नजर रखता है! आज के समय में आईएमएफ करीब 190 देशों का संगठन है! 

आईएमएफ क्या है – IMF Kya Hai

What is IMF in Hindi – आईएमएफ एक ऐसी संस्था है जो सभी देशों को विकास के लिए प्रोत्साहित करता है और विश्व में विभिन्न मुद्राओं में आर्थिक स्थिरता को स्थापित करता है!

इस मुद्रा कोष की स्थापना बिट्रेन वुड्स समझौते के अनुसार की गयी! यह WHO (World Health Organization) जैसा एक बड़ा वैश्विक संगठन है जिसकी स्थापना जुलाई 1944 में की गयी! 

1939 में दूसरे विश्व युद्ध के समय आईएमएफ की स्थापना की शुरुआत हुई थी! विश्व युद्ध के समय काफी देशों की सम्पति कम होने लगी थी!

ऐसे में अमेरिका ने एक ऐसा संगठन बनाना चाहा जो उन देशों की आर्थिक दशा को मजबूत करने में काम आये! तब अमेरिका आईएमएफ के जरिये कई देशों की सहायता करने लगा! 

शुरू में अमेरिका ने आईएमएफ का नाम व्हाइट प्लान रखा! इस समय में बिट्रेन की ओर से भी इस तरह की संस्था का निर्माण किया जिसका नाम था किंग्स योजना, जुलाई 1944 में इन दोनों प्लान को मिला दिया गया और अंतरास्ट्रीय मुद्रा कोष का निर्माण किया गया! 

आईएमएफ में कितने देश सदस्य हैं – IMF Mai Kitne Desh Hai

आज के समय में IMF में 190 देश इसके सदस्य हैं! आईएमएफ के साथ जुड़ने वाला सबसे आखिरी नंबर का देश नोरू है! इससे पहले दक्षिणी सूडान IMF का सदस्य बना था! जो देश IMF के सदस्य होते हैं वहीँ वर्ड बैंक के सदस्य भी होते हैं! 

आईएमएफ का मुख्यालय कहाँ है – IMF ka Mukhyalay Kahan Hai

International Monetary Fund का मुख्यालय वाशिंगटन डीसी, अमरीका में स्थित है! 1944 में कुल 44 देशों के द्वारा बिट्रेन वुड्स में एक अधिवेशन किया गया जिसमें दो नए संगठन वर्ड बैंक और आईएमएफ की शुरुआत की गयी! 

27 दिसंबर 1945 में आईएमएफ का उद्घाटन समारोह किया गया! 

आईएमएफ क्या काम करता है – IMF Kaise Kaam Karta Hai

IMF संगठन ने 1 मार्च 1947 से अपना कार्य करना प्रारम्भ किया! संयुक्त राष्ट्र ने 1947 नवंबर में आईएमएफ को अपने अभिकरण के रूप में स्वीकार किया! आईएमएफ सिर्फ उन्हीं देशों की मदद करता है जो उसमें सदस्य होते हैं!

वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में आईएमएफ का एक विशेष योगदान रहा है! 

आईएमएफ आर्थिक रूप से कमजोर देशों को ऋण देने का कार्य करता है! किसी भी देश की गिरी हुई अर्थव्यवस्था को उठाने में आईएमएफ उस देश की मदद करता है!

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना और भुगतान व्यवस्था को संतुलन में लाने का कार्य भी आईएमएफ द्वारा किया जाता है! 

विनिमय दरों को कंट्रोल करने में आईएमएफ अपनी सहभागिता निभाता है! किसी भी देशों के मध्य और विनिमय दरों में कोई परेशानी आती है तो आईएमएफ द्वारा दिक्क्तों का निवारण किया जाता है! 

सभी देशों के मध्य आईएमएफ मौद्रिक सहयोग और बहुपक्षीय भुगतानों की स्थापना भी करता है! 

आईएमएफ किसी भी देश को ऋण कैसे देता है – IMF Loan Kaise Deta Hai

आईएमएफ में 1981 में कुल पांच देशों की मुद्राओं को शामिल किया गया जिनमें डॉलर, मार्क, येन, फ्रेंच, पाउंड और चीनी करेंसी शामिल हैं! इन सभी मुद्राओं को एसडीआर (स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स) कहा जाता है! 

ये पांच देश अपनी पूंजी को आईएमएफ में जमा कर देते हैं! ताकि अन्य देशों को आईएमएफ द्वारा मदद मिल सके! आज के समय में आईएमएफ करीब 1 ट्रिलियन डॉलर धनराशि ऋण के रूप में दे सकता है!

गरीब देशों को आईएमएफ 0 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मुहैया कराता है! जितने भी देश आईएमएफ के सदस्य होते हैं उनके द्वारा एक-एक गवर्नर आईएमएफ में भेजे जाते हैं और बोर्ड ऑफ़ डायरिक्ट्री बनायीं जाती जो आईएमएफ को चलाती है!

जिनके द्वारा किसी भी देश की कैसे मदद की जाए यह निर्धारित करने का अधिकार होता है! 

आई एमएफ के पास पैसा कहाँ से आता है?

अभी तक आईएमएफ के बारे में हमने बहुत कुछ जान गए होंगे लेकिन आईएमएफ के पास इतना पैसा कहाँ से आता है क्या आपने कभी यह सोचा?

दुनिया के कई ऐसे विकसित देश हैं जो सालाना आईएमएफ में कॉन्ट्रिब्यूशन करते हैं! जिसमें अमेरिका सबसे पहले नंबर पर आता है! 

2016 के आकंड़ों के अनुसार अगर बात करें तो टॉप 8 देशों में अमेरिका, जापान, चीन, फ़्रांस, यूनाइटेड किंगडम, इटली और भारत शामिल हैं!

आईएमएफ में जो देश सबसे अधिक भागीदारी करते हैं उन देशों की निर्णय लेने की क्षमता अधिक बढ़ जाती है! ये सभी देश मिलकर धनराशि इकट्ठा करते हैं और आईएमएफ में जमा करते हैं! 

Top 10 IMF Members Country

टॉप 10 देश जो सबसे अधिक आईएमएफ में अपनी सहभागिता निभाते हैं! 

S no. Member Quota Share
1Unites States 17.51%
2. Japan 6.47%
3.China6.41%
4.Germany5.9%
5.France4.30%
6.United Kingdom3.19%
7.Italy3.12%
8.India2.90%
9.Russia2.70%
10.Brazil 2.30%

IMF को जब भी किसी देश को कर्जा देना होता है तो सभी आईएमएफ के सदस्य मिलकर लेनदेन का निर्णय लेते हैं! इनमें उन देशों का वर्चस्व अधिक रहता हैं जो सबसे अधिक भागीदारी करता है! 

निष्कर्ष – Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने आईएमएफ के बारे में आईएमएफ क्या है? (IMF Kya Hai) आईएमएफ का फुल फॉर्म क्या है (Full Form of IMF in Hindi) IMF का मुख्यालय कहाँ है? (IMF ka Mukhyalay Kahan Hai) आईएमएफ कैसे काम करता है? (IMF Kaise Kaam Karta Hai) के बारे में विस्तार से जाना! 

हमें उम्मीद है इस पोस्ट से आपको बहुत कुछ जानने को मिला होगा! (IMF Kya Hai in Hindi) इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी आपको रोचक लगे तो इस पोस्ट सभी सोशल साइड में शेयर जरूर करें! ऐसी ही जानकारियां पाने हेतु आप अन्य पोस्ट को भी जरूर पढ़ें! 

पूरा पोस्ट पढ़ने हेतु आप सभी पाठकों का बहुत बहुत धन्यवाद! 

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