नमस्कार दोस्तों, क्या आपको पता है एसआईपी क्या है? (SIP Kya Hai). इससे पिछले ब्लॉग में हमने 10 आसान पैसे इन्वेस्ट करने के तरीके के बारे में बताया है! SIP कम रिस्क में अपने पैसे को इन्वेस्ट करने का एक बेहतरीन तरीका है! आज की इस लेख में हम SIP Kya Hai, SIP के फायदे, SIP के नुकसान और SIP में निवेश कैसे करें? के बारे में बताने वाले है!

बाजार में अपने पैसे को निवेश करने के अनेको तरीके है! और बहुत लोग बाजार में पैसा लगाकर हर दिन पैसा कमाते है! लेकिन निवेश के इन तरीको में से किसी में अधिक तो किसी में कम रिस्क होता है!

बाजार में अफवाह और गलत जानकारी की वजह से अधितर माध्यम परिवार के लोग अपने कमाए पैसे को निवेश नहीं करते है! या फिर वे दुसरो से सलाह लेकर अपना पैसा बाजार में निवेश करते है जिस वजह से उन्हें कभी कभी नुकसान झेलना पड़ता है!

इसलिए पैसे को निवेश करने से पहले हमे निवेश करने के हमारे तरीके के बारे में पूरी जानकारी होना जरुरी है!

तो चलिये इसी बात को आगे बढ़ाते हुए इस ब्लॉग को शुरू करते हैऔर निवेश करने के एक बेहतरीन तरीके यानी की SIP Kya Hai, SIP के फायदे, SIP के नुकसान और SIP में निवेश कैसे करें? के बारे में विस्तार से जानते है!

sip kya hai

एसआईपी फुल फॉर्म – SIP Full Form in Hindi

SIP Full Form: एसआईपी का फुल फॉर्म Systematic Investment Plan होता हैं! SIP का हिंदी में Full Form व्यवस्थित निवेश योजना होता है! इसमें निवेश की अवधि साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक व छमाही होता है।

एसआईपी में कम Fund से निवेश की शुरुआत की जा सकती है! यह उन लोगों के लिए जरूरी है जिनको वित्तीय बाजारों की ज्यादा जानकारी नहीं है!

SIP full form in Banking: बैंकिंग में SIP का फुल फॉर्म Systematic Investment Plans होता है जिसे हिंदी में व्यवस्थित निवेश योजनाएं कहा जाता है!

Sip full form in collage: कॉलेज में SIP का फुल फॉर्म Student Induction Program बताया जाता है जिसका हिंदी अर्थ छात्र प्रेरण कार्यक्रम होता है!

Sip full form in computer: इन कंप्यूटर कंप्यूटर में SIP का फुल फॉर्म Session Initiation Protocol होता है! इसका हिंदी अर्थ सत्र प्रारंभ प्रोटोकॉल होता है!

Sip full form in pharma: फार्मा के क्षेत्र में SIP का फुल फॉर्म sterilize-in-place होता है 

एसआईपी क्या है – SIP Meaning in Hindi

SIP Kya Hai: एस आई पी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का एक Systematic Investment Plan होता है! इसमें एक बार में ही इकठ्ठा पैसा न देकर हर महीने एक छोटी राशि जैसे की 100, 500 या फिर 1000 रुपये के साथ पैसों को व्यवस्थित रूप से निवेश किया जाता है! 

इसके बाद सभी निवेशकों (आपके) के इस SIP म्यूच्यूअल फण्ड को Mutual Fund Company द्वारा एक बेहतरीन और अनुभवी Fund Management Team की मदद से मैनेज किया जाता है और स्टॉक मार्किट में अलग अलग स्टॉक्स में निवेश किया जाता है!

एसआईपी में हर महीने पैसा निवेश करने से निवेशक को हर महीने अलग अलग मात्रा में यूनिट्स मिलते है! और इन यूनिट्स की वैल्यू स्टॉक मार्किट के उतार चढ़ाव पर निर्भर रहती है!

मतलब की यदि मार्केट डाउन है तो आपको कम NAV के साथ अधिकत यूनिट मिलते है और अगर मार्केट हाई है तो अधिक NAV के साथ कम यूनिट मिलते है!

एक समय था जब हमारे बड़े बुजुर्ग हमें एफडी और आरडी करके पैसे को जमा करने की सलाह दिया करते थे लेकिन आज के समय में एफडी और आरडी की तुलना में एसआईपी कई गुना अधिक रिटर्न देता है!

इसी वजह से पिछले कुछ समय से एसआईपी बहुत अधिक चर्चा में है! आप अपने SIP प्लान में समय – समय पर बचत राशि को निकल भी सकते है!

Paise Kaha Nivesh kare

वैसे आप म्यूच्यूअल फण्ड में मुख्यता 2 तरह से निवेश कर सकते है पहला अपना एक लुम्प्सम अमाउंट मतलब की इकठा पैसा एक बार में ही और दूसरा एसआईपी करके कुछ पैसे हर महीने देते रहें!

इसलिए यदि आप अपना इकठा पैसा एक बार में ही म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर देते है तो आपके लिए म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी केवल एक बार ही यूनिट्स खरीदती है और अगर उस समय मार्केट हाई चल रही हो तो आपको अधिक NAV में कम यूनिट्स मिलेंगे!

जबकि एसआईपी में हर महीने पैसे देना होता है इसलिए आपके हर महीने के पैसे से हर महीने म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी आपके लिए यूनिट्स खरीदती है और यदि किसी महीने मार्किट हाई है तो आपको कम और जिस महीने मार्केट गिरी है उस महीने अधिक यूनिट मिलते है!

तो साधारण शब्दों में कहे:

एसआईपी में यूनिट्स खरीदने का मौका हर महीने मिलता है और इकठा पैसा एक बार में ही निवेश करने में केवल एक बार ही यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है! इसलिए ओवरआल एसआईपी सही है!

एनएवी क्या है – NAV in Hindi

NAV Kya Hai : Mutual Fund के अंतर्गत SIP में निवेश एनएवी यानि Net Asset Value के अनुसार होता है! एनएवी का अर्थ Mutual Fund की 1 यूनिट का मूल्य होता है! जिस प्रकार शेयर बाजार में 1 शेयर केमूल्य के अनुसार निवेश किया जाता है!

उसी तरह म्यूच्यूअल फण्ड में 1 यूनिट से निवेश शुरू किया जाता है! एनएवी यानि Net Asset Value हर दिन मार्केट के हिसाब से बदलते रहती है!

जब देश की शेयर बाजार में तेजी आती है तो एनएवी (Net Asset Value) भी ज्यादा होता है! और जब बाजार में गिरावट आती है तो एनएवी के अंकों में भी गिरावट आ जाती है! 

SIP उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते हैं वो छोटी राशि के साथ निवेश कर सकते हैं जिन्हें निवेश की ज्यादा जानकारी भी नहीं रहती है!

अगर SIP को एक साधारण भाषा में परिभाषित करें तो SIP कम निवेश के साथ ज्यादा मुनाफा कमाने का एक आसान तरीका है! जिसमें एक लम्बी अवधि में हम ज्यादा Saving कर सकते हैं!

निवेशक जब अपनी SIP के अंदर किश्त भरता है! तो Mutual Fund Farm आपको NAV के आधार पर निवेश के लिए चयनित की गयी स्कीम की इकाई में वर्गीकृत कर देता है!  

SIP में जोखिम भी होता है इस तरह long Term तक आप मुनाफा पाने का एक अच्छा अवसर पा सकते है! SIP Plan यह भी सुनुश्चित करता है की निवेशकों के लिए बाजार में होने वाले अच्छे फायदों का कोई मौका छूट न पाए!

आइये एक उदहारण के तौर पर समझते हैं

माना किसी Mutual Fund की NAV अभी 20 रूपये है और आप 1000 रूपये निवेश करते हैं! यहां पर आपके इस निवेश के बाद आपको उस निवेश की कुल 50 यूनिट दे दी जाएँगी!

Units Allot = 1000 / 20 = 50 Units

अगर Mutual Fund की NAV बढ़ती है तो आपके निवेश में भी बढ़ोतरी होगी!

माना 1 साल के बाद 1 यूनिट्स की NAV 30 रूपये हो जाती है तो अब

50 *30 =1500 यानि जो Units आपने 1000 में खरीदी थी उनका मूल्य अब 1500 हो चुका है!

तो इस तरह से आपका पैसा Groww करता है। जिससे आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं!

एसआईपी रिस्क क्या है – SIP Risk in Hindi

सिप में Risk kya hai: SIP में कुछ Risk भी होते है जिनसे आपको बच के भी रहना है! आइये जानते हैं ये Risk क्या हैं!

  • सिप में लम्बे समय के लिए कम राशि से निवेश होता है! इसलिए इसमें Risk कम देखा जाता है!
  • अगर कभी SIP में आपका Investment का स्तर गिरा तो वहां पर आपको खतरा हो सकता है!
  • आपको बाजार के Basic व्यवहार के साथ चलना होगा! ऐसे में कम मूल्य पर आपका जमा किया हुआ निवेश खत्म या शून्य भी हो सकता है!
  • किसी भी एक कंपनी का Grade गिरने से Mutual Fund के Unit के मूल्य पर प्रभाव पड़ता है!
  • अगर कोई कपंनी किसी Payments को लेकर Bonds Holders से किसी तरह का धोखा करती है! तो Default Risk भी हो सकता है!

कहीं पर कोई तकनीकी व्यवस्था में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है! किन्तु आज के समय में सारा Process Electronic Mood में परिवर्तित हो चुका है!

SIP की भारत में स्थिति

भारत में ECS के द्वारा SIP में आवर्ती भुगतान किया जाता है! कई Mutual Fund Equity से जुड़े बचत योजनाओं का लाभ निवेशक तक Online Information पहुँचाते है!

भारत में बड़े वित्तीय बाजारों में एसआईपी की पकड़ काफी मजबूत है!

भारत में नौकरी पेशा लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद रहा है! सिमित बजट होने के बावजूद भी मध्यम परिवार छोटी छोटी बचत कर सकता है!

sip के फायदे – SIP Benefits in Hindi

👉 Small Investment

SIP में छोटी राशि को आप जरुरत हो तो निकल सकते हो। लम्बे समय तक काम राशि आपको अचछा रिटर्न दे सकती हैं! जिससे आपको आगे भी निवेश करने में आसानी होगी।

👉 Power Compounding

SIP में निवेश के साथ मिलने वाला रिटर्न को भी आप निवेश में लगा सकते है। जिससे आपको Power Compounding का भी फायदा मिलेगा!

बाजार में अगर गिरावट दर्ज होती है तो वहां पर आपको ज्यादा यूनिट्स Allot होंगी। यहां पर आप जयादा निवेश कर सकते हैं और अगर मार्केट में उछाल आएगा तो आपको कम यूनिटस Allot होंगी।

यहां पर आप ना के बराबर निवेश करिये इससे आपकी Total Cost Average संतुलन में आ जायेगा और आगे जब मार्किट में बदलाव आएगा तो आपको अच्छे रिटर्न मिलने के अवसर ज्यादा होते हैं क्योंकि आपकी यहां पर Cost कम है।

👉 Disciplined Investing

SIP में निवेश करने का एक बड़ा फायदा है। Disciplined Investing इसके अंतर्गत आप नियमों के अनुसार निवेश करते हैं। बड़े Investors का यह मानना है कि पहले आप Saving करें उसके बाद उसको खर्चा करें।

अगर आप Disciplined में अपने खर्चे करेंगे तो आपको कोई भी Financial Problem नहीं आएगी!

👉 Tax में छूट

SIP में निवेश करने में जमा राशि को निकलने या जमा करने में कोई भी Tax का भुगतान नहीं करना होता है! जहां पर टैक्स में छूट मिलने वाली स्कीम  होती है उनमें अक्सर Lock in Period भी होता है।

5. एसआईपी में पैसा निकलने की सुविधा

ज्यादातर SIP प्लान में Lock in Period नहीं होता है। यह वह समय होता है जिसमें आप अपना पैसा जमा करने की समय अवधि पूरी होने के बाद ही निकाल सकते हैं! निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार प्लान को Close या दोबारा Open कर सकते हैं।

एसआईपी के नुकसान – Disadvantages of SIP in Hindi

  • बढ़ते बाजार में अक्सर कम रिटर्न और लाभ का मिलना!
  • SIP प्लान के मध्य अंतराल में इकट्ठा भुगतान करना!
  • ज्यादा Farm होने के कारण असमंजस की Situation होना!
  • नियमित आय का उपयुक्त साधन हर समय न होना!

एसआईपी में निवेश कैसे करें?

आज के समय में आप बिना किसी Paper Work के SIP में निवेश कर सकते हैं। आप ET Money की App से आसानी से निवेश  कर सकते हैं! ET money के अलावा और भी कई App हैं जिनकी सहायता से आप कुछ समय में निवेश की शरुआत कर सकते हैं।

मोबाईल App में Fund का चयन करने का भी Option रहता है! निवेश करते समय अक्सर आपसे दो सवाल भी पूछे जाते हैं!

पहला- आप कितनी लम्बी अवधि के लिए SIP में निवेश करना चाहते हैं! आप Short Term, Medium Term और Long Term जिसका भी चयन आपको करना है आप कर सकते हैं!

How to invest in SIP in Hindi

दूसरा- अब सवाल यह पूछा जाता है की आप कितना Risk लेना चाहते हैं! आपको इसका मालूम होना चाहिए की आप कितना Risk ले सकते हैं!

आप किसी भी नजदीकी Mutual Fund Farm में भी Visit कर सकते हैं! Farm की वेबसाइट पर कर भी आप Online निवेश शुरू कर सकते हैं।

Conclusion [ निष्कर्ष ]

आज के इस Hindi पोस्ट में हमने जाना की SIP क्या है (SIP kya hai) SIP की Full Form क्या है, एसआईपी में Investment (निवेश) कैसे करें? और साथ ही साथ हमने जाना की SIP में Investment करने से हमें क्या क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं!

आशा करता हूँ आपको हमारे इस ब्लॉग के माध्यम से SIP के बारे में पूरी जानकारियां मिली होंगी! यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में जरूर शेयर करे ताकि उन्हें भी निवेश करने के इस बेहतरीन तरीके के बारे जानकारी हो!

अगर आपके पास इस पोस्ट से संबधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कृपया हमें निचे कमेंट करके जरूर अवगत कराये! आप हमारे इस ब्लॉग को Subscribe कर सकते हैं!

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