NPA एक ऐसा शब्द है जो आज के समय में अधिकतर चर्चा में रहता है इसलिए NPA kya hai यह आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी हो जाता है! इसके बारे में जानना उनके लिए भी जरुरी है जो बैंकों के साथ ज्यादा व्यवसाय करते हैं! बिजनेस के लिए लोन लेते हैं और आम लोगों के लिए भी जानना यह बहुत ही आवश्यक है! अगर आपने बैंक का ऋण नहीं चुकाया है तो आप भी NPA की श्रेणी में आ सकते हैं!

इससे पिछले ब्लॉग में हमने जाना था Debt Fund क्या है? आज के इस ब्लॉग में हम बैंक के उस कर्ज की बात करेंगे! जो बैंक के लिए एक तरह से डूब जाता है! लोन आखिर किस कारण एनपीए में बदल जाता है। 

आइये जानते है एनपीए क्या है NPA kya hai & Types of NPA इसको कैसे हम परिभाषित कर सकते हैं! Full Form of NPA भारत में कौन से बैंक हैं जिनका सबसे ज्यादा Bad Loans है Top 5 Indian Banks of NPA Amounts 2020 साथ में जानेंगे एनपीए कितने प्रकार के होते हैं Types of NPA तो चलिए आगे बढ़ते हैं!

NPA kya hai

फुल फॉर्म ऑफ़ एनपीए – Full Form of NPA 

Full-Form of NPA– NPA का full form Non-Performing Asset है! इसका असर Share Market Holders और Banks पर पड़ता है!

एनपीए का हिंदी में रूपांतरण – NPA Meaning in Hindi  

NPA का हिंदी में अर्थ गैर निष्पादित संपत्ति होता है! यह बैंक का वह कर्ज है जिसके आने की उम्मीद ना के बराबर होती है!

एनपीए क्या है – NPA Kya Hai in Hindi

NPA Bank की कर्जदार को दी हुई वह अनर्जक सम्पति है जिसका लौटना अब संदिग्ध माना जा रहा हो किन्तु उस बैंक की नियमितता के आधार पर वसूली की प्रक्रिया चालू हो! एनपीए को समझने से पहले यह समझना जरूरी है कि Asset क्या है? Asset यानि संपत्ति कोई भी बिजनेस जिससे Income होती है उसे Asset कहा जाता है! जैसे आपका कोई व्यवसाय होगा। उससे आय होती है। उसी तरह बैंक का Loan Asset है!

वही लोन जो बैंक ने बिजनेस के लिए दिया है उसका अगर समय पर बैंक को चुकता नहीं किया तो यह कुछ समय बाद बैंक के लिए उसका Non Performing Asset बन जाता है!

पिछले 3 साल से इस NPA Amount का ग्राफ लगातर बढ़ता जा रहा है! दिल्ली के RTI Activist द्वारा डाली गयी RTI से देश में 50 कंपनियों का NPA Account का खुलासा हुआ था! यह कंपनियां जो बैंक से लोन लेती है और फिर नहीं चुकाती है! यह कारण Business का नहीं चलना बताती हैं!

अब हम एक साधारण परिभाषा में समझते हैं कि NPA क्या है NPA kya hai in Hindi

कर्जदार बैंक को उसके समय के अनुसार Loan Repayment नहीं करता है तो वही पूंजी बैंक के लिए NPA यानि Non Performing Asset कहलाती है! इसका मतलब यह हुआ कि बैंक को उस लोन से Income आनी बंद हो गयी! बैंक ने उसे NPA घोषित कर दिया तो बैंक के लिए एक तरह से Non Performing Asset कहलायेगा! 

लोन एनपीए कब होता है – Loan Amount NPA Kab Hota Hai

किसी भी बैंक से लिए लोन को चुकाने के लिए 3 महीने का समय दिया जाता है! पहले महीने आप बैंक की EMI नहीं दे पाए! दूसरे महीने भी नहीं दे पाए और फिर तीसरे महीने भी आप EMI देने में असमर्थ रहे तो! यह समय कुल 90 दिन का हो जाता है। यही से बैंक लोन NPA हो जाता है!

90 दिन में बैंक ब्याज तो लगाएगा लेकिन आपको डिफल्टर घोषित नहीं करेगा! जैसे ही यह अवधि पूरी होगी तो आपका यह लोन अकॉउंट NP हो जाएगा। उसके बाद बैंक नोटिस भेजेगा! अगर नोटिस का भी जवाब नहीं दिया जाता है तो बैंक के जो भी अधिकार होंगे बैंक उनका उपयोग कर सकता है! 

आइये एक उदाहरण के तोर पर समझते हैं NPA क्या है

माना राहुल ने बैंक से 5 लाख का ऋण लिया! राहुल को 5 लाख का ऋण 5 साल में चुकाना है। ऋण और ब्याज दोनों को Calculate करके महीने की EMI बना देगी। EMI देने की अंतिम तिथि भी तय कर देगी। अब राहुल को माना 20 तारीख को EMI देनी होती है लेकिन राहुल की EMI नहीं जा रही है!

यहाँ राहुल का लिया हुआ लोन 3 महीने बाद NPA मान लिया जायेगा! ऐसा नहीं है की बैंक राहुल से रुपयों की मांग नहीं करेगा। बैंक राहुल को फोन करेगा की अपनी EMI भरिये! उसके 3 महीने बाद बैंक नोटिस भेजना शुरू करेगा!

आइये अब आगे जानते एनपीए कितने प्रकार के होते हैं Types of NPA

एनपीए कितने प्रकार का होता हैTypes of NPA Accounts

मुख्यतः बैंक एनपीए को तीन भाग में वर्गीकृत करता है। 

1. Sab Standard Asset

यह NPA 90 दिन से लेकर 1 साल के अंदर ही रहते हैं! ऐसे NPA खाते 1साल से पहले खत्म हो जाते हैं या 1 साल तक बच जाते हैं! अगर देनदार 1 साल के भीतर ही अपना रुका हुआ लोन खत्म कर देता है तो यह Sab Standard Asset कहलायेगा!

2. Doubtful Asset

इनमें उस लोन को रखा जाता है जिसमे 1 साल तक कोई भी ब्याज नहीं आता है! देनदार लोन को चुकाने की बात करता है लेकिन चुकाता नहीं है इसलिए ऐसे ग्राहकों को Doubtful कहा जाता है!

3. Loss Assets

इस तरह के लोन में कोई ब्याज तक नहीं दिया जाता है! Bank उसको Loss में डाल देते हैं। इस तरह के NPA Loans राइट ऑफ नहीं होता है!

लोन एनपीए कैसे बनता है – Loan NPA Kaise Banta Hai

Bank के Loans NPA हो जाने के कई कारण हैं! Bank किसी भी उधारकर्ता की बिना पहचान किये ही लोन दे देती है। राजनीती दलों या फिर किसी बड़े पद का हवाला देकर बैंक से लोन लिए जाते हैं! उसकी पूर्व BRH (Bank with Relationship History) नहीं Search की जाती! अधिकतर लोग व्यवसाय के लिए ऋण लेते हैं किन्तु चुका नहीं पाते हैं! लोग घर लेने के लिए भी ऋण लेते हैं फिर किसी कारण से लोन चुकता नहीं कर पाते हैं!

आप एक सीधा उदाहरण ले सकते हैं कुछ दिन पूर्व Yas Bank खुलासा हुआ था जिसमे हजारो रुपयों की राशि लोन में दी गयी थी जो एनपीए माना गया था! ज्यादा NPA होने की वजह से बैंक पर खासा प्रभाव पड़ता है। बैंकों की ऋण देने की शमता बहुत कम हो जाती है!

एनपीए लोन की वसूली कैसे की जाती है – NPA Loan ki Recovery Kaise Hoti Hai

बैंक के पास Loan Recovery के बहुत रास्ते होते है! जो भी देनदार है उसने अगर बैंक में कोई भी वस्तु जमीन,सोना या फिर कुछ पूंजी गिरबी रखी हो तो बैंक उससे लोन राशि वसूलता है! कम्पनी के Shares बेचकर भी बैंक Loan Recovery करता है! लोन ना चुकाने पर बैंक NCLT (National Company Law Tribunal) के माध्यम से लोन की Recovery करती है! जहां पर कम्पनी और उसके असेट्स बेचकर बैंक अपनी वसूली करता है! 

भारत में NPA कितना है – India mai NPA kitna Hai

किसी भी बैंक का कोई भी राशि अगर NPA होती है तो बैंक उसको अपनी बैलेंस शीट से हटा देते हैं। भारत में सबसे ज्यादा SBI बैंक का Amounts NPA है! कुछ महीने पहले राज्यसभा में एक रिपोर्ट पेश की गयी जिसमें State Bank Of India का करीब 1,59,621 करोड़ रूपये का एनपीए बताया गया! 

इसके साथ ही Punjab National Bank को दूसरे और Bank of Baroda को तीसरे स्थान पर रखा गया! हम आगे बताएँगे कौन से ऐसे बैंक हैं ( Top Indian Banks of NPA Amounts 2020 ) जो इस मामले में सबसे आगे हैं!   

जानकारों का क्या कहना है

Covid-19 के चलते News Agency का मानना है वर्ष 2020 में भारत में एनपीए के अनुपात में करीब 1.9 प्रतिशत और ऋण लागत 1.3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है! अन्य Agency का यहां तक मानना है 2020 में सभी एशियाई देशों में यह राशि बढ़कर क़रीब 300 अरब डॉलर हो सकती है!

यही अनुपात अगर चीन का देखें तो वहां इसमें लगभग 2 प्रतिशत बढ़ोतरी होने के Chance हैं! जानकारों का यह मानना है इस वक्त निवेशक किसी भी बड़े जोखिम को नहीं लेना चाहते हैं! जिसके कारण इसका प्रभाव बेंको और तमाम NBFC वित्तीय संस्थाओं पर पड़ेगा! 

देश के बड़े NPA Defoliator जैसे विजय माल्या,नीरव मोदी,मेहुल चौकसी! इन लोगो ने बैंकों का बहुत पैसा वापस नहीं लौटाया! ज्यादातर सरकारी बैंकों में यह संख्या जयादा है (5 Indians Banks of NPA Amounts 2020) भारतीय बेंकिन की कितनी पूंजी इसमें बंधित है। जिसे बेंको को वसूलना बहुत मुश्किल होता जा रहा है!

हालाँकि जब से भारत में IBC (Insolvency and Bankruptcy Code), 2016 कानून आने के बाद कई  एनपीए खातों में कार्यवाही भी की गयी है! NPA का स्तर बहुत चिंताजनक होने के बाद इस कानून को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी! 

इन्हें भी पढ़ें

Top 5 Indian Banks of NPA Amounts 2020

Top 5 Indians Banks of NPA Amounts

  • SBI- State Bank Of India 1,59,621 करोड़
  • PNB- Punjab National Bank- 76,809 करोड़
  • BOB- Bank of Baroda – 73,140 करोड़
  • BOI- Bank of India- 61,730 करोड़
  • UBI- Union Bank of India – 49,924 करोड़

FAQ – Frequently Asked Questions About NPA Account

Q 1. मैं अपने एनपीए लोन को कैसे सैटल कर सकता हूँ – Mai kaise apne NPA Loan ko Settle kar sakta Hu?

Ans. यह प्रश्न बहुत सही प्रश्न है! बैंक एनपीए को पुनर्प्राप्त करने के लिए नियमित आधार पर वसूली की प्रक्रिया को अपनाती है! उधारकर्ता बैंक से ओटीएस के माध्यम से एनपीए  निपटने के लिए कह  सकते हैं! इसके लिए उन्हें अन्य शुल्क या ब्याज देने के लिए भी तैयार रहना होगा! 

Q 2. एनपीए की समस्या क्यों है – NPA ki Problem Kyu Hai?

Ans. NPA की समस्या बैंकों के साथ साथ पूरी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित करती है! आम तौर पर ऋण देने को लेकर प्रोत्साहित किया जाता है क्यंकि इसमें धन का प्रभाव उत्पादक उद्देश्यों के लिए किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक विकास होता है! 

Q 3. निजी बैंकों का NPA Amount 2016 से 2019 तक कितना था – 2016-2017 mai NPA Amount kitna tha?

Ans. 2019 में पुरे भारत में निजी बैंकों का एनपीए राशि 1.8 ट्रिलियन भारतीय रूपये से भी अधिक था! 2017 में यह करीब 9.3 बिलियन भारतीय रुपया आंका गया था! 

Q 4. स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया का 2018- 19 में कितना एनपीए था – SBI ka 2018-19 mai NPA kitna tha?

Ans. 2018- 19 में बैंक द्वारा एक रिपोर्ट में एनपीए 1,72,750 करोड़ बताया गया था! 

Conclusion [ निष्कर्ष ]

अंत में आपको एक पते की बात बताना चाहूंगा! ऐसा माना जा सकता है की कुछ व्यवसाय न चल सके। इस वजह से NPA Amounts में बढ़ोतरी हुई किन्तु 100 प्रतिशत ऐसा भी सत्य नहीं है! हमारे समाज में कुछ तबके ऐसे हैं जिन्हे इस तरह बैंक से Froud करने में आनंद आता है! ऐसा करना बिलकुल गैर संवैधानिक है। ऐसा करने से बचें और डिफाल्टर बनने से भी बचें!

आज के इस हिंदी में हमने जाना एनपीए क्या है NPA kya hai & Types of NPA एनपीए का हिंदी में क्या अर्थ है Full Form of NPA एनपीए कितने प्रकार के होते हैं Types of NPA साथ में हमने यह भी जाना हमारे देश में किस बैंक का सबसे ज्यादा NPA Amounts है Top 5 Indian Banks of NPA Amounts 2020

आशा करता हूँ! आपको हमारे एनपीए क्या है हिंदी ब्लॉग से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई होंगी! हमें आपके पूर्ण सहयोग की आवश्यकता है! आप हमारे इस हिंदी ब्लॉग को Subscribe अवश्य करें! ताकि हमें नया उत्साह होगा और एक नई जानकारी के साथ हम हिंदी ब्लॉग लिखते रहें! 

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