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Hello दोस्तों, क्या आपको जीडीपी फुल फॉर्म (GDP Full Form in Hindi) और जीडीपी क्या है? (GDP Kya Hai) के बारे में पता है! अपने अक्सर अखबारों में, आम आदमी के जुबान से और बाजार में बहुत बार जीडीपी शब्द के बारे में जरूर सुना होगा! आज के इस लेख में हम जीडीपी से संबंधित तथ्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे!

लेकिन क्या अपने कभी सोचा की आखिर जीडीपी किसे कहते है? और देश की जीडीपी को कौन जारी करता है!

आम तौर पर हम यह सुनते है की इस देश की जीडीपी इतनी है या फिर उस देश की जीडीपी इतनी बढ़ गयी है और घट गयी है! 

पिछले दशक में, भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था से जुड़ा है और साथ ही अधिक स्तर में आर्थिक विकास भी हुआ है 

तो आपको बता दे की किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उस देश की GDP पर टिकी होती है इसलिये आपको GDP के बारे में जानना बहुत आवश्यक है! 

आज के इस हिंदी ब्लॉग में हम जीडीपी फुल फॉर्म (GDP Full Form) और जीडीपी क्या है? (GDP Kya Hai), जीडीपी की शुरुआत कहाँ से हुई? और भारत की जीडीपी क्या है 2022, और जीडीपी से जुडी हुई प्रत्येक जानकारियों के बारे में विस्तार से जानने वाले है!

GDP Kya Hai

चलिए जान लेते है GDP Ka Hindi Meaning Kya Hai और GDP Kya Hai. इसके साथ ही जानेंगे जीडीपी की दर कौन जारी करता है? GDP की शुरुवात कहाँ से हुई भी जानेंगे! 

इसके अलावा जीडीपी कार्यप्रणाली के अंतर्गत CSO kya hai और CSO Full Form जानेंगे! तो बिना समय व्यर्थ किये आगे बढ़ते है!

जीडीपी का फुल फॉर्म – GDP Full Form in Hindi

GDP Ka Full Form: जीडीपी का फुल फॉर्म Gross Domestic Product होता है!

किसी देश की आर्थिक सेहत को मापने का जीडीपी को एक अनोखा और बिल्कुल सटीक तरीका माना जाता है!

GDP Full Form in Hindi: जीडीपी का Hindi में पुरा नाम सकल घरेलू उत्पाद होता है!

भारत में GDP की गणना तीन महीने में यानी की तिमाही में (Quarterly) एक बार की जाती है!

जीडीपी क्या है? (GDP in Hindi)

GDP Kya Hai: आखिर जीडीपी शब्द कहाँ से आया! वो पुराना समय हुआ करता था जब किसी भी देश की वित्तीय संस्थाएं देश के अंदर बनने वाले उत्पाद का कुल मूल्य बताती थी!

देश में अनेकों नए उत्पाद बनते थे लेकिन उनसे कुल कितनी कमाई हुई, इसका अंदाजा सही से नहीं लग पाता था!

जीडीपी (GDP) किसी देश की आर्थिक स्तर को मापने के लिए उपयोग में लाई जाती है। हमारे देश में जो भी उत्पादन होता है! उसकी आय का बाजार मूल्य GDP कहलाती है। 

GDP पहले वित्तीय वर्ष में मापा जाता था! लेकिन अब यह तिमाही मापा जाने लगा है! यह भारतीय अर्थव्यवस्था का एक बुनियादी आर्थिक माप है! 

कभी कभी अर्थव्यवस्था को मापने के लिए घरेल सकेलु उत्पाद की जगह GDI (Gross Domestic Income) का प्रयोग किया जाता है! इसमें वही आंकड़ें मापे जाते है जो व्यय विधि से प्राप्त होते हैं! 

GDP के तीन मुख्य प्रारूप – Three Main formats of GDP

जीडीपी के तीन प्रारूप इस प्रकार निम्न है!

1). पहला प्रारूप

यह देश में अंतिम माल और सेवाओं का बाजार मूल्य है। यह निश्चित समय अवधि में उत्पादित माल और सेवाओं के मूल्य के बराबर है!

2). दूसरा प्रारूप

यह उद्योगों द्वारा उत्पादन की प्रत्येक अवस्था पर कुल वर्जित मूल्य और छूट रहित कर के बराबर होती है!

3). तीसरा प्रारूप

यह देश में उत्पादन के द्वारा उत्पन्न आय के योग के बराबर है! यह कर्मचारियों की क्षति पूर्ति और राहतकर में मिलने वाली छूट को भी व्यवस्थित करता है!

जीडीपी की शुरुआत कहाँ से हुई? (GDP Ki Shuruaat Kahna Se Hui)

GDP का विचार सर्वप्रथम अमेरिका के एक अर्थशास्त्री के दिमाग से निकला! जिनका नाम था साइमन कुजलैर!

उन्होंने 1935 से 1944 के बीच इस GDP शब्द का प्रयोग किया! अमेरिका के घरेलू उत्पाद के आय को जानने के लिए किया था!

उनके लिए यह एक परिचय मात्र था! बाद में साइमन ने यह शब्द अमेरिका की कांग्रेस में परिभाषित किया! मुख्यतः दुनिया में तब ऐसा दौर था जब देशों की आर्थिक व्यवस्था बैंकिग संस्थाओं के जिम्मे था!

बशर्ते कुछ समय बाद साइमन के इस शब्द को IMF (International Mudra Fund) अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस्तेमाल किया था! जहाँ से इस शब्द का इस्तेमाल करना अन्य देशों ने करना शुरू किया!

जीडीपी की दर कैसे निकाली जाती है? (GDP Rate Kaise Nikale in Hindi )

GDP Rate को निकालने के लिए यह फार्मूला उपयोग किया जाता है! यह मापन का एक साधारण तरीका है!

GDP(सकल घरेलू उत्पाद) = उपभोग(Consumption) + कुल निवेश GDP = उपभोग + सकल निवेश + सरकारी खर्च + (निर्यात-आयात)

GDP= Consumption + Gross Investment + Expenditure + (import-export)

GDP= उपभोग+ कुल निवेश + सरकारी खर्च (निर्यात-आयात)

GDP = Consumption + Investment + Government Expenditure + (Export−Import)

GDP तीन प्रमुख घटकों पर आधारित है!

  1. Agriculture (कृषि)
  2. Industries (उद्योग)
  3. Services (सेवा)

इनमें आय घटने और बढ़ने के औसत पर GDP तय की जाती है! यह दर देश की तरक्की की ओर संकेत करता है!

GDP की दर बढ़ी तो आर्थिक विकास का स्तर भी बढ़ेगा! अगर GDP के दर में गिरावट आई तो! रोजगार में कमी व महंगाई में खासा असर देखने को मिलेगा!

जीडीपी को अंतराष्ट्रीय मानक कैसे मानें?

GDP (सकल घरेलू उत्पाद) को मापने के लिए इसके मानक के रूप में अंतराष्ट्रीय पुस्तक System of National Accounts (1993) को दर्शाया गया है!

जिसे IMF (International Monetary Fund) अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आर्थिक विकास संगठन, संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों द्वारा तैयार किया गया है!

इस पुस्तक का प्रकाशन 1968 में किया गया था! जिसे SNA68 या SNA93 भी कहा जाता है। हालाँकि अमेरिका के प्रयोग के बाद इसे IMF ने अंतराष्ट्रीय मानक बनाया!

किसी भी देश की जीडीपी को कैसे मापा जाये इसके लिए तीन मुख्य बिंदुओं को समझना बहुत ही जरूरी है!

1. व्यय – सभी अंतिम माल और सेवाओं पर कुल व्यय! 

2. आय – समाज में सभी उत्पादन के कारकों में कारक आय को जोड़ा जाता है! 

3. वर्धित मूल्य – बेचे गए माल के उत्पादन के लिए मध्यवर्ती माल की खरीद होना! 

सीएसओ क्या है? (CSO kya Hai in Hindi)

CSO Full Form: CSO का Full-Form Central Statistics Office of India है! यह एक सुव्यवस्थित ग्राफिकल इकाई है! 

Full Form of CSO in Hindi: CSO का Hindi में Full-Form केंद्रीय सांख्यिकी संगठन है! संगणक केंद्र भी CSO के अंतर्गत आता है जो दिल्ली के आरकेपुरम में है!

जीडीपी के आकंड़े कहाँ से जारी होते हैं?

GDP के आकंड़े एक सरकारी संस्था CSO से जारी होते हैं CSO भारत में सांख्यिकी गतिविधियों के समन्वय और सांख्यिकी मानकों के विकास के लिए काम करता है। इस संगठन का मुख्य कार्यालय सरदार पटेल भवन संसद मार्ग दिल्ली में है!

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय का प्रमुख महानिदेशक होता है जिनके अंतर्गत राष्ट्रीय लेखा विभाग सामाजिक सांख्यिकी विभाग प्रशिक्षण विभाग एंव समन्वय और प्रकाशन विभाग आते हैं।

यह देश भर के उत्पादन से हुए आय और सेवाओं का आंकड़ा जुटाता है.इसमें कई मानक सूचकांक भी शामिल किये जाते हैं।

अगर हम एक साधारण भाषा में कहें! CSO क्या है (CSO kya hai in Hindi) CSO भारतीय अर्तव्यवस्था प्रक्रिया का आधार है! जो विदेशों की जीडीपी के साथ भारत की जीडीपी की  तुलना का एक प्रमाण प्रदर्शित करता है।

भारत की जीडीपी क्या है – 2021-22

दोस्तों जैसा आप जानते हैं! वर्ष 2020 में Covid-19 की वजह से दुनिया भर के बाजारों में मंदी का दौर है!

भारत की GDP 1.9% इस तिमाही महीने में आंकी गयी थी.एक न्यूज एजेंसी के अनुसार यह 29 साल बाद ऐसा हुआ है।

एनएसओ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी 147.36 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि एक साल पहले यह 135.58 लाख करोड़ रुपये रही थी!

जीडीपी कैसे बढ़े हर देश इस बात की अधिक चिंता में लगे रहते हैं तो ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत योजना इसी मुहिम पर काम कर रही है!

इस योजना के अंतर्गत कई लोग लघु उद्योग स्थापित कर रहे हैं जिससे मध्यम परिवारों को लाभ मिलेगा! उद्योग स्थापित होने से देश में रोजगार के अवसर पैदा होंगे!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

Q 1. किस देश में सबसे अधिक जीडीपी है?

Ans. चीन की जीडीपी (China Ki GDP) 15.80 ट्रिलियन डॉलर के साथ सबसे अधिक है! 

Q 2. किस देश की जीडीपी सबसे कम है?

Ans. 2019 वर्ष में दक्षिणी सूडान देश की सबसे कम जीडीपी दर्ज की गयी! जिसके बाद बुरुंडी देश और मलावी देश की जीडीपी सबसे कम आकीं गयी ! 

Q 3. भारत की 2020 में जीडीपी दर क्या थी?

Ans. कोरोना महामारी के चलते पहले दूसरी तिमाही में जीडीपी गिरावट में  -7.5 फीसदी रही. जबकि पहली तिमाही में जीडीपी में -23.9 फीसदी की गिरावट थी!

Q 4. भारत में जीडीपी की गणना कौन करता है?

Ans. केंद्रीय संख्यिकी संगठन भारत में जीडीपी की गणना करता है? 

Q 5. भारत की 2019 में जीडीपी क्या थी?

Ans. भारत की जीडीपी 2018-2019 में 5.4 % थी! 

Q 6. चाइना की जीडीपी क्या है?

Ans. वर्तमान में चाइना की जीडीपी 15.2 Trillion USD (2020 )

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निष्कर्ष (Conclusion)

आज के ब्लॉग में हमने जाना जीडीपी क्या है ( GDP Ka Hindi Meaning Kya Hai ) GDP Ka Full Form Kya Hai, जीडीपी शब्द कहाँ से आया! full form of GDP इसे कैसे हम परिभषित कर सकते है!

हमने जाना CSO क्या है CSO kya hai in Hindi जीडीपी की शुरुवात कहाँ से हुई! इसके अंतरास्ट्रीय मानक व आंकड़ों के बारे में भी हमने काफी कुछ जाना और समझा! 

आशा करता हूँ आज के इस महत्वपूर्ण ब्लॉग से आपको काफी कुछ जानने को मिला होगा! हमारे इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर अवश्य करिये! हमारे इस ब्लॉग को जरूर Subscribe अवश्य करें!

भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल या फिर सुझाव आप हमें हमारे कमेंट बॉक्स में लिखकर भी भेज सकते हैं!

पूरा पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

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