अक्सर आपने न्यूज चैनलों और अखबारों में भारत सरकार के सबसे चर्चित विभाग ED का नाम सुना होगा है! यह विभाग देश भर के हाई प्रोफ़ाइल आपराधिक मामलो की जांच करता है! आज के इस Hindi लेख में हम आपको ED (ईडी) के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है जैसे ईडी क्या है (ED Kya Hai), ईडी का फुल फॉर्म क्या है (ED Full Form in Hindi) और ED भारत सरकार के किस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है!

सीबीआई की तरह ED भी भारत सरकार की एक बहुत ही बेहतरीन और विशेष जांच एजेंसी है! ED देश और देश के बाहर के सभी हाई प्रोफाइल केस जैसे Money Laundering, किसी कारोबारी या नेता से पूछताछ या फिर विदेशी सम्पति मामले होने पर जांच करती है! और इन सभी बड़े आपराधिक मामलो की जांच को परिणाम तक ले जाती है!

ED Full Form in Hindi
ED Full Form in Hindi

[ ED Kya Hai – ED Full Form in Hindi ]

तो चलिए आगे बढ़ते हैं और ED से संबधित सभी सवालों जैसे – ED Full Form, ईडी का इतिहास क्या है (ED ka Itihas Kya Hai), ईडी का मुख्यालय कहा है और ईडी भारत सरकार के किस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है? जानते हैं!

विषय - सूची

ईडी का फुल फॉर्म – ED Full Form in Hindi

Full Form of ED: ED का फुल फॉर्म Directorate General Economic Enforcement होता है! ED को आर्थिक खुफिया एजेंसी माना जाता है! यह आर्थिक कानूनों को लागु करने का काम भी करती है! 

ईडी का हिंदी में मीनिंग – ED Hindi Meaning

ED का Hindi Meaning प्रवर्तन निदेशालय होता है! शुरूआती समय में इस एजेंसी को प्रवर्तन इकाई का नाम दिया गया था! आय से अधिक सम्पति को जप्त करने और जांच करने में यह जांच एजेंसी अहम भूमिका निभाती है! 

ईडी क्या है – What is ED in Hindi 

Enforcement Directorate in Hindi: ED (प्रवर्तन निदेशालय) भारत सरकार की एक मुख्य जांच एजेंसी है जो भारतीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करती है! विशेष रूप से ED देश में प्रत्येक Financial Crime पर अपनी नजर बनाये रखती है! विदेशो से जुड़े संपत्ति के मामलों में भी ED जांच करती है!

किसी भी आर्थिक उथल पुथल में प्रवर्तन निदेशालय विभाग को जिम्मेदारी दी जाती है ताकि वह सही तरह से काम करे! इसलिये ED (Enforcement Directorate) के अंतर्गत कार्य करने वाले अधिकारीयों का चुनाव आईपीएस और आईएएस रैंक के आधार पर तय किया जाता है!

आर्थिक मामलों में कौन सा कानून लागू होना चाहिए कौन सा कानून लागू नहीं होना चाहिए, यह अधिकार भी ED के पास होता है! इसलिए अधिक लेनदेन के मामलों में यह एजेंसी गुपचुप तरिके से अपना कार्य करती है! 

ईडी का इतिहास – ED ka Itihaas in Hindi

1956 में विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के अंतर्गत विनिमय नियंत्रण विधियों के उल्लंघन को रोकने के लिए आर्थिक कार्य विभाग के नियंत्रण में एक प्रवर्तन इकाई गठित की गई। तब इस इकाई में RBI (Reserve Bank of India) द्वारा नियुक्त किये गए अधिकारी भी कार्य करते थे! 

शुरू में मुंबई और कोलकाता में इसके Offices खोले गए! धीरे धीरे इस इकाई का प्रबंधन बढ़ता गया और इसको प्रवर्त्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) नाम दे दिया गया! 

1960 में इस निदेशालय को राजस्व विभाग में हस्तानांतरित कर दिया गया! फिर इसके स्थान पर FERA 1973 – Foreign Exchange Regulation Act (नियामक कानून) आ गया!

1973 से 1978 में इस निदेशालय को मंत्रीमंडल सचिवालय, और प्रशासनिक सुधार विभाग के अधिकार क्षेत्र में रखा गया!  

उसके बाद 1 जून 2000 में FERA 1973 (नियामक कानून) को निरस्त कर दिया गया और इसके स्थान पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (फेमा) को लागू किया गया! उसके बाद एक और नया कानून धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 बनाया गया! 

2005 में प्रवर्त्तन निदेशालय को यह कानून सौंपा गया! 

ईडी मुख्यालय कहाँ पर है – ED Headquarter kahan Hai

ED जाँच एजेंसी का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है! देश के पांच मुख्य जगहों पर मुंबई, चेन्नई, चंडीगढ़, कोलकाता तथा दिल्ली में ED के मुख्य कार्यालय बने हुए हैं! प्रवर्त्तन निदेशक इनके प्रमुख होते हैं! 

देश के कई राज्यों में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय भी बने हुए हैं! जिनके प्रमुख संयुक्त निदेशक होते हैं! 

ईडी स्थापना कब हुई – ED ki Sthapna Kab Hui

1 मई 1956 को ईडी की स्थापना की गयी! 1957 में इस सयुक्त जांच इकाई को प्रवर्त्तन निदेशालय का नाम दिया गया! पिछले 3 साल में ने करीब 35 हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क की! 

ईडी के महानिदेशक कौन हैं – ED ke Director General Kaun Hai

प्रवर्तन निदेशालय के महानिदेशक वर्तमान में संजय कुमार मिश्रा हैं! इनकी नियुक्ति 19 नवंबर 2018 में हुई थी! प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक सीमांचल दास हैं! 

ईडी किस कानून के अंतर्गत काम करती है – ED Kis Law Ke Under kam karti hai

मुख्यतः आज के समय में ED (प्रवर्तन निदेशालय) के अंदर तीन तरह के कानून होते हैं! इससे अलग भी ED को अधिकार दिए जाते हैं जिसमें अलग अलग कानून पर उनका कार्य निर्धारित किया जाता है! 

आइए जान लेते किस कानून के अंतर्गत ईडी क्या काम करती है –

1. विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून 1999 (Foreign Exchange Management Act, 1999)

  • इस कानून के उलंघन पर ईडी अपनी कार्यवाही करता है! इसकी सूचनाएं ईडी को शिकायत पत्रों, राज्य व केंद्रीय अभिकरणों द्वारा मिलती है!
  • यह कानून 1 जून 2000 में लागू किया गया था! हवाला, फॉरेन एक्सचेंज, निर्यात प्रक्रियाओं का पूरा न होना, विदेशी विनिमय का गैर प्रत्यावर्तन जैसे अपराधों को FEMA 1999 के तहत उल्लंघन करने पर ED मामले की जाँच करती है! 

2. धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (Prevention of Money Laundering Act, 2002)

  • इस अधिनियम में Money Laundering जैसे मामलों की जाँच होती है!
  • जाँच में धाराओं का उलंघन करते हुए जो भी अर्जित किया गया है ईडी उसे अंतरिम रूप देकर जफ्त कर लेती है! 

3. विदेशी मुद्रा सरक्षण तथा तस्करी गतिविधि अधिनियम 1974 (Foreign Exchange Protection and Smuggling Activities Act 1974)

  • इस कानून के उलंघन पर भी ED मामलों की जाँच करती है!
  • प्रवर्तन निदेशालय को मुकदमा पूरा होने के बाद अपराधी की कुर्की करने के अधिकार भी होते हैं! इसमें आपराधिक कानूनों की तरह ही जाँच होती है! 
  • ईडी पहले निरस्त की गयी धारा, FERA 1973 के तहत न्याय अभियोजन, अपील न्याय निर्णयन के मामलों का प्रबंध करती है! अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया के बाद निदेशालय के अधिकारी निर्णय लेते हैं! 
  • प्रवर्तन निदेशालय अपराधी के विरुद्ध जाँच, जफ्ती, गिरफ्तारी, अभियोजन जैसे कार्यों को कानूनों के आधार पर पूर्ण करती है!
  • आय से अधिक संपत्ति होना या शक होने पर ईडी को पूछताछ के अधिकार प्राप्त होते हैं!
  • विदेश में किसी तरह की कोई भी संपत्ति खरीदने पर ED (Directorate of enforcement) उसकी भी जांच करता है!
  • ईडी मुख्य रूप से FEMA Act के उलंघन के तहत दोषी पाए गए लोगों की संपत्ति को ज़ब्त कर सकती है!

भारत में भ्रष्टाचार को कम करने में ईडी की भूमिका – ED’s Role in Reducing Corruption in India

प्रवर्त्तन निदेशालय विशेष जाँच एजेंसी के तौर पर अपने कर्तव्यों का पूर्ण रूप से पालन करती है! जिसमें काले धन से जुड़े मांमले, Money Laundering, अचल संपत्ति और अन्य गंभीर मांमले शामिल हैं! 

हाल के दिनों में नीरव मोदी और विजय माल्या पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून 1999 (फेमा) एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही हो रही है! 

इस Act के आधार पर डिफॉलटरों की सम्पति का आंकलन किया जाएगा और प्रवर्तन निदेशालय अर्जित की गयी सम्पति से जो भी ऋण लिया गया है उससे Bank Loans की भरपाई करेगा! 

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निष्कर्ष – Conclusion

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने ईडी (Enforcement Directorate in Hindi) से जुड़ी जानकारी को जाना और समझा कि ईडी क्या है (What is ED in Hindi) और ED Full Form in Hindi. साथ में हमने जाना कि ED ka Itihaas Kya Hai और ED भारत सरकार के किस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है! ED ki Sthapna kab hui और वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय के महानिदेशक कौन हैं!

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पूरा पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद! 

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