दोस्तों आपका भी टीडीएस टैक्स जरूर कटता होगा! लेकिन क्या आप जानते हैं यह TDS Kya Hai – Full Form of TDS in Hindi. हमें यह टीडीएस टैक्स क्यों देना होता है! यह TDS या तो आपकी सैलरी से कटा होगा या फिर आपके Bank ने आपके Account से Deduct किया होगा! 

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अधिकतर लोग TDS के बारे में नहीं जानते हैं लोग इसे एक अलग तरह का Tax मान के चलते हैं! अगर आप भी TDS के बारे में नहीं जानते हैं तो आप आज बिलकुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं! 

आज के [ Full Form of TDS in Hindi – टीडीएस क्या है ] इस पोस्ट में हम TDS के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं!

Full Form of TDS in HIndi
Full Form of TDS in Hindi

हम जानेंगे TDS Kya Hai, टीडीएस का Full Form क्या है, Hindi Meaning of TDS. टीडीएस हमें कब भरना चाहिए!

साथ में जानेंगे TDS कैसे Calculate किया जाता है, Form 26 AS, Form 16, Form 16 A क्या है? ऑनलाइन टीडीएस कैसे जमा करें – Online TDS Kaise Jama kare.

और जानेंगे TDS के क्या फायदे हैं Benefits of TDS in Hindi तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं –

फुल फॉर्म ऑफ टीडीएस – TDS Full Form in Hindi

TDS का Full Form Tax Deduction at Source होता है! दरअसल TDS Income Tax को Collect करने की एक विधि है जो एक तरह का Income Tax का ही एक पार्ट है! टीडीएस हमारे द्वारा Income Tax of Department को चुकाया जाता है!  

हिंदी मीनिंग ऑफ टीडीएस – TDS Hindi Meaning

Full Form of TDS in Hindi:-TDS का Hindi Meaning स्रोत पर कर कटौती होता है! TDS Tax Payment जमा नहीं होने पर करीब 1 लाख पर 200 रूपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है! 

टीडीएस क्या है – What is TDS in Hindi

TDS वह टैक्स है जिसे किसी भी Outsource Income भुगतान में से कुछ प्रतिशत कर के तौर पर सरकार को Pay करना होता है जैसे Rent, Commission, Fees, Bank से मिलने वाला Interest.

जैसा कि आप TDS (Tax Deduction at Source) की Full Form से ही समझ पा रहे होंगे कि हमारे किसी भी तरह के Outsource Income से यह टैक्स हमसे लिया जाता है! 

Tax कई प्रकार के होते हैं! अब आप सोच रहे होंगे Tax तो एक ही प्रकार का होता है जिसे हम Income Tax कहते हैं लेकिन ऐसा नहीं है! कई लोग अपनी सालाना Income को सरकार की नजरों में छुपाते हैं, जिसे आम भाषा में Tax चोरी करना कहा जाता है! 

तो सरकार ने इससे बचने के लिए Income Tax को कई भागों में बाँट दिया! जैसे Self Assessment Tax, TDS Tax, Capital Gains Tax, Goods & Services Tax, Advance Tax इत्यादि! 

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जब भी कोई Specific Payment किसी के द्वारा किया जाता है! तो उससे पहले यह TDS Tax को Pay करना होता है ! जैसे की हमने आपको बताया, Fix Deposit पर मिलने वाला Interest Income, किसी जमीन का Rent या फिर कोई जमीन लीज पर दी हो तो उसमें TDS Tax का भुगतान करना होता है! 

आइये एक उदाहरण के तौर पर समझ लेते हैं 

एक ग्राहक A हैं, अब A की HDFC Bank में 5 लाख की एक FD है! जिस पर A को हर साल का 11 % Interest मिलता है! अब यहां पर सरकार ने बैंक को एक जिम्मेदारी दे दी है!

अगर किसी भी ग्राहक को 10 से ज्यादा Interest का भुगतान किया जाता है तो उस पर 10 प्रतिशत का TDS Tax, ग्राहक से लिया जाए! 

इस तरह जब बैंक A ग्राहक को 5 लाख सालाना पर Interest यानि 55,000 देगी तो उसमें से पहले ही Bank 10 % TDS Tax, यानि 5500 रूपये काट लेगा! 

अब बैंक A ग्राहक को 49,500 रूपये का Payment करेगा! बाकि Income Tax Department में TDS Tax के तौर पर जमा करा देगा! 

बैंक ग्राहक के TDS Tax की जानकारी को TDS Traces Portal  पर Upload कर देता है! जिसमें ग्राहक का Pan Number Details और अन्य जानकारी होती है! 

टीडीएस टैक्स कब जमा कराना होता है – TDS Tax Return File

यह TDS Tax तीन महीने में एक बार जमा करना होता है! इसके लिए TDS Traces Portal वेबसाइट पर Visit किया जा सकता है! TDS Tax सरकार द्वारा तय की गयी तारीख से पहले जमा करना जरुरी होता है! प्रत्येक महीने की यह TDS Tax जमा करने की 7 तारीख होती है!  

देरी से TDS Return File किये जाने पर Income Tax Act 1961 की Section 234 (E) के अंतर्गत प्रतिदिन 200 रूपये का शुल्क वसूला जाता है!

यह Fine तब तक लिया जाता है जब तक आप TDS Return File नहीं करते है! 

फॉर्म 16 क्या होता है – What is Form (16) in Hindi

Form 16 एक तरह का प्रमाण पत्र होता है जो यह दिखाता है कि किसी भी कर्मचारी ने TDS Tax सरकार को अपने वेतन से दिया है! इस Certificate को कंपनियां अपने कर्मचारियों को जारी करती है! 

अधिकतर जानकारों द्वारा यह बताया जाता है कि TDS Traces Portel  से Form (16) को कर्मचारी स्वतः जारी कर सकता है किन्तु यह गलत माना जाता है! सभी कमर्चारियों को इसके लिए कंपनी को अवगत करना बहुत जरूरी होता है!  

फॉर्म 16 A क्या होता है – What is Form 16 (A) in Hindi

Form 16 (A) द्वारा प्रमाणित किया जाता है की किसी भी व्यक्ति का टीडीएस टैक्स आयकर विभाग में जमा हो चुका है! अगर TDS Tax वेतन के अलावा किसी अन्य Outsource Income पर कटता है तब भी इस Form 16 (A) को उपयोग में लाया जाता है! 

इस Form 16 (A) Certificate को प्रत्येक तिमाही में जारी किया जाता है! 

फॉर्म 26 (AS) क्या है – What is Form 26 (AS)

किसी भी व्यक्ति के द्वारा साल भर में जितने प्रकार के भी Income Tax भरे जाते हैं उन सभी Income Tax की Details Form 26 (AS) दिखाता है! इसे एक तरह से Income Tax की Statement आप मान सकते हैं! 

किसी भी प्रकार का Advance Income Tax अगर चुकाया गया है तो उसका विवरण भी इसी Form 26 (AS) में किया जाता है! Advance TDS Tax की Statement इस Form 26 AS में देखी जा सकती है! 

किस तरह के भुगतान में टीडीएस लागू होता है 

अब जान लेते हैं कि TDS Tax Return File हमें किस भुगतान (Payment) पर करना होता है और कहाँ पर यह लागू होता है – 

  • Salary (वेतन) – किसी भी कर्मचारी का वेतन अगर Taxable Limit से अधिक है कंपनी कर्मचारी को उसके वेतन से टीडीएस टैक्स Deduct करके कर्मचारी को उनका वेतन दे देती है! कर्मचारी को यह खुद Pay नहीं करना होता है! 
  • Interest Payment By Bank (बैंक द्वारा मिलने वाला Interest) – जब भी बैंक आपको आपके एफडी पर Interest देती है तब आपका Interest का Amount 10000 से अधिक होता है तो बैंक यहां पर 10 प्रतिशत का टीडीएस Deduct करती है! 
  • Commission Income (कमीशन इनकम) किसी भी व्यक्ति का Outsource Income कमीशन है तो वहां पर उस व्यक्ति को टीडीएस टैक्स भरना जरुरी होता है! जैसे किसी Contractor, Property Builder इत्यादि! 
  • Rental Income (रेंटल इनकम)- कोई भी ऐसी Outsource Income जो किसी भी  दुकान  या मकान से किराया से आ रहा हो तो उस Income पर टीडीएस का भुगतान करना जरुरी होता है!
  • Consultation Fees (परामर्श शुल्क) – अगर किसी भी तरह के परामर्श या Enquiry Works से Income आ रही है तो उसमें टीडीएस टैक्स का भुगतान किया जाना जरुरी है! 

टीडीएस रिफंड का दावा कैसे करें – TDS Tax Refund kaise le

किसी तिमाही में अगर कोई भी व्यक्ति Advance TDS Tax भरता है तो TDS Tax Refund का दावा कर सकता हैं! इसके लिए कुछ Steps नीचे दिए गए हैं जिन्हे आपको अवश्य पढ़ना चाहिए –

  • टीडीएस की Official Website पर जाएँ! 
  • Login कर लें! इसके बाद ITR Form को Download कर लें! 
  • ITR Form (Income Tax Return) के द्वारा आप आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं! 
  • आईटीआर फॉर्म में सभी विवरणों को भर लें और Upload करने के बाद Submit कर लें! 
  • कभी भी TDS Tax या कोई भी आईटीआर जमा करने पर आपको विभाग द्वारा Acknowledgment Receipt दी जाती है इसे सत्यापित कर लें! 

ऑनलाइन टीडीएस कैसे जमा करें – Online TDS Kaise Jama kare

आज के समय में आपको किसी भी प्रकार के टैक्स को भरने के लिए Income Tax के Office में नहीं जाना होता है! आप Online भी सभी टैक्स को भर सकते हैं! 

आइये हम यहां पर जानते हैं (Online TDS Tax kaise jama kare) कैसे जमा करते हैं –

  • आप किसी भी ब्राउजर मे जाएँ और आयकर विभाग की Official Website incometaxindiefiling.gov.in को Type करें!
  • अब आप Login कर लें! ध्यान रहे User Name में आपको अपना Tan Number डालना होगा, Password डालें! 
  • New Page खुलने के बाद Upload TDS Option पर जाएँ! 
  • मांगी जा रही सारी Details को अच्छी तरह भर लें और मान्य पर क्लिक करें! 
  • इसके बाद अपना टीडीएस भुगतान कर लें और साथ में Digital Sign भी अपलोड कर लें! 
  • Documents Upload होने के बाद लेनदेन की जानकारी आपके Mail पर भेज दी जाती है! 

टीडीएस के क्या लाभ हैं – Benifits of TDS Tax in Hindi

  • TDS Tax का सारा भुगतान सरकारी कोष में जाता है! इसी से हमारा सालाना बजट बनकर आता है! इसी बजट को हमारे देश के सरकारी कामकाजों में खर्च किया जाता है! 
  • यह राशि सीधे सरकार के पास पहुँचती है! किसी भी आपराधिक व्यय में खर्च होने का संशय नहीं रहता है! 
  • टैक्स भरने में किसी भी प्रकार की Tax की चोरी ना हो! इसके लिए भी TDS Tax बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है! 
  • किसी भी प्रकार के धोखे की संभावना इसमें नहीं रहती है! क्योंकि यह बैंक के वेतन खातों से या अन्य किसी भी प्रकार के खातों से कट कर लिया जाता है! 
  • टीडीएस टैक्स या किसी भी प्रकार के टैक्स का समय पर भुगतान करने पर व्यक्ति को गौरव महसूस होता है क्योंकि हमारा देश इसी टैक्स की राशि से तरक्की की राह को स्वीकारता है! 

कुछ जरुरी सवाल व उनके उत्तर – Frequently Asked Questions

Q 1. क्या मुझे TDS Tax का भुगतान करने के बाद Income Tax भरना होगा?

Ans. अगर कंपनी द्वारा आपके वेतन से TDS Tax काटा गया हो या आपने स्वंय ही भुगतान किया हो! तब भी आप टैक्स देने के मापदंड से ऊपर हैं तो आपको Income Tax जरूर भरना चाहिए! 

Q 2. TDS Tax कैसे Calculate किया जाता है?

Ans. आयकर अधिनियम धारा के तहत मिलने वाली छूटों को अच्छे से जान लें! Salery या Income का आंकलन करें! अगर आपकी Income टीडीएस टैक्स देने के मापदंड से ऊपर हैं तो आपको Income Tax जरूर देना होगा!

किसी भी FD से मिलने वाले ब्याज पर 10 % का TDS Tax लिए जाता है! 

Q 3. New TDS Tax Rate क्या है?

Ans. 2,50,000 तक कोई टैक्स नहीं 

2,50,000 से 5,00,000 तक 5%

5,00,000 से 10,00,000 तक  20 %

10,00,000 से ऊपर 30 %

Q 4. जीएसटी टीडीएस दर क्या है – What is GST (Goods and Services Tax) TDS Rate?

Ans. कर योग्य वस्तुओं और सेवाओं के तहत आपूर्तिकर्ता को दिए गए भुगतान पर 2% का TDS Tax दर लगाया जाता है!  

दोस्तों इस प्रकार आप टीडीएस टैक्स को भरकर देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा सकते हैं!  

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इन्हें भी पढ़ें 

> RTI क्या है- RTI का Full Form क्या है? RTI के लिए कैसे आवेदन करें! 

> Full Form of UPSC क्या है? UPSC परीक्षा की तैयारी कैसे करें! 

> NDA Exam क्या है? इसकी परीक्षा की तैयारी कैसे करें! 

> पीआईबी क्या है? इसके क्या कार्य हैं! 

निष्कर्ष – Conclusion

हमें आशा है कि आज के इस पोस्ट Full Form of TDS in Hindi – टीडीएस क्या है? से आपको बहुत कुछ जानने को मिला होगा! हमने इस पोस्ट में जाना TDS Kya hai in Hindi, TDS का Full Form क्या होता है Full Form of TDS Tax, हिंदी मीनिंग ऑफ टीडीएस – Hindi Meaning of TDS टीडीएस कब जमा करना होता है, Form 16, Foem 16 (A ) और Form 26 (AS) क्या है? 

और साथ में हमने जाना कैसे हम Online TDS Kaise jama kare टीडीएस रिटर्न के लिए कैसे हम दावा कर सकते हैं और टीडीएस के क्या लाभ हैं Benifits of TDS.

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पूरा पोस्ट पढ़ने हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद! 

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