नमस्कार दोस्तों, क्या आपको पता है की फ़ायरवॉल क्या होता है? (What is Firewall in Hindi) इसके नाम से ही लगता है की हम किसी आग की दिवार की बात कर रहे है! जी नहीं, यह कोई आग की दीवार नहीं है लेकिन यह आपके कंप्यूटर या फिर नेटवर्क के चारो तरफ एक आभासी सुरक्षा दीवार होता है जो इंटरनेट में होने वाले अटैक्स और खतरों से आपके नेटवर्क को बचाते है! आज के इस हिंदी लेख में हम Firewall Kya Hai? Firewall क्यों इस्तेमाल किया जाता है? और फ़ायरवॉल कितने प्रकार के होते है? (Types of Firewall in Hindi) के बारे में विस्तार से जानने वाले है इसलिए इस Post को पूरा पढ़े!

दरअसल आज के समय में लगभग हर किसी इंसान की मूल्यवान जानकारी जैसे Banks की Details, Passwords और जरुरी दस्तावेज Internet में मौजूद होते है! इसी प्रकार छोटी से लेकर बड़ी – बड़ी कम्पनियो के Database भी Internet से जुड़े होते है!

इन जरुरी दस्तावेजों और इनफार्मेशन पर हैकर्स घुसपैठ करने की सोचते हैं! और हर पल विश्व के किसी न किसी कोने से Hackers अपनी शेध लगाते रहते है! इसलिये सुरक्षा के प्रति User और Companies की चिंताएं बढ़ जाती हैं!

तो ऐसे में Firewall अपनी बहुत ही अहम् भूमिका निभाता है! Internet पर Firewall बाहरी Attacks से आपके Network को सुरक्षा प्रदान करता है! Firewall आपके अपने Computer या Network और Internet के बिच में एक Filter की तरह काम करता है! या फिर इसे आप Internet और आपके Network के बिच की दीवार कर सकते है!

Firewall in Hindi

[ Firewall Kya Hai – What is Firewall in Networking in Hindi ]

फायरवॉल क्या है – What is Firewall in Hindi 

Firewall Kya Hai: Firewall एक ऐसा Networking Device जो हमारे कंप्यूटर या फिर नेटवर्क को बाहरी खतरों (Attacks) से सुरक्षा प्रदान करता है! यह हमारे नेटवर्क और इंटरनेट के बिच में एक आभासी सुरक्षा कवच बना देता है जो किसी भी बाहरी Traffic को बिना अनुमति के Internal Network में आने नहीं देता है!

यह हमारे कंप्यूटर और नेटवर्क पर आने वाले Traffic को Filter करता है! Traffic Filtering की Process, Firewall Device पर बनाये गए Rules और Policy पर निर्भर करता है!

फ़ायरवॉल Hardware और Software दोनों का एक मिश्रण होता है! और Firewall System को कुछ इस तरह से Configure किया जाता है की यह किसी भी Domain के बीच में इंटरनेट यातायात को मानकों के आधार पर स्वीकार या अस्वीकार करता है! जो निर्देशित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं उन्हें यह बाहर कर देता है! 

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सुरक्षा के लिहाज से आपको Internet से आपके Network में आने वाले Traffic और आपके Network से Internet में जाने वाले Traffic को Firewall से गुजरना होता है ताकि Firewall उस Traffic को अच्छे से Filter कर सके! जिससे आपके Personal Computer और Network की सुरक्षा कायम रहे!

आईये इसे एक साधारण से उदाहरण से समझते है!

जब भी आप मेट्रो में या किसी मॉल में जाते हैं तो आपको अंदर एंट्री करने से पहले एक Security Barrier को cross करना होता है! उसमें मेटल डिक्टेक्टर लगा होता है जो हर व्यक्ति को चेक करता है! तो आपने कभी सोचा की यह Security Barrier क्या चेक कर रहा है! 

यह यही चेक कर रहा है कि कोई व्यक्ति अंदर ऐसी चीज के साथ तो एंट्री नहीं कर रहा है जो अंदर Allowed नहीं है! इसी के लिए यह Security Barrier लगा होता है! अगर उसके पास कुछ Unacceptable सामग्री होती है तो उसे डिटेक्ट करके बाहर कर दिया जाता है! 

तो उसी तरह आप इस Firewall Networking Device को भी समझ सकते हैं! जो हर किसी External Networking को चेक करता है तभी उसे अंदर प्रवेश करने देता है! 

फायरवॉल का इतिहास – History Firewall in Hindi

फायरवॉल शब्द से आप समझ गए होंगे यह एक दिवार है जिसका आग से कुछ संबंध है! इसका अर्थ है कि किसी बिल्डिंग के भीतर या कहीं भी लगी आग को इस दिवार द्वारा रोकना! अब यह दिवार किसी भी रूप में हो सकती है!

जैसे हमने आपको Security Barrier का उदाहरण दिया था! नेटवर्क सुरक्षा में 1980 से पहले बड़े राउटर्स का प्रयोग किया जाता था! जो नेटवर्क को अलग करते थे! 1980 में फायरवॉल के आने से यह खत्म होने लगे! 

इसके इतिहास को अलग अलग पीढ़ीओं में बांटा गया है आइये जान लेते हैं –

  1. प्रथम पीढ़ी (Packet Filtering Firewall)
  2. दूसरी पीढ़ी (Application Layer Firewall)
  3. तीसरी पीढ़ी (State full Firewall)

1. प्रथम पीढ़ी (Packet Filtering Firewall)

इंटरनेट में डाटा ट्रांसफर पैकेट के फॉर्म में होता है! 1988 में Firewall पर एक समाचार पत्र प्रकाशित हुआ था! तब Firewall एक पैकेट के रूप में फिल्टर प्रणाली बनायीं गयी! तब इस पर बिल चेषविक, स्टीव बेलोविन पैकेट फिलटर पर शोध कर रहे थे! Packet Filter किसी भी Data के इधर उधर Transfer होने पर उसके निरीक्षण करने की एक पहली सीढ़ी है!

Packet Filter निरीक्षण करने के बाद जो भी Unacceptable चीजें Packet में आ रही है तो उन्हें अस्वीकार कर देता है! 

पैकेट फिल्टर Firewall OSI Model (Open System Interconnection Modal) के पहले के तीन परतों (Layers) पर काम करता है! पहला भौतिक परत (Physical Layer), डेटा लिंक परत (Data Link Layer) और तीसरा नेटवर्क परत (Network Layer), कोई भी जब एक पैकेट स्रोत से निकलता है और फ़ायरवॉल से होकर जाता है तब फ़ायरवॉल में कॉन्फ़िगर हुए पैकेट फिल्टर किसी भी नियम से पैकेट को मैच करता है और पैकेट को ड्रॉप या खारिज करता है! 

जब पैकेट Firewall से होकर गुजरता है तब वो सभी Fixed Protocols के आधार पर पैकेट फिल्टर करता है!

2. दूसरी पीढ़ी (Application Layer Firewall)

हमने पहले तीन परतों की बात कही थी! यहां पर Application Layer Firewall काम करने लगा! पैकेट फिल्टर फायरवॉल की तुलना में Application Layer Firewall को अधिक सुरक्षित माना जाता है! Packet Filtering Firewall तीन ही Layer पर काम करता था किन्तु Application Layer Firewall सातों Layer पर काम करता है! 

इसमें जानकारी के आधार पर सामग्री को फिल्टर किया जा सकता है! एक Application Firewall उच्च परत प्रोटोकॉल को फिल्टर कर सकते हैं! 

3. तीसरी पीढ़ी (State Full Firewall)

डेव प्रेसेतो, जनार्दन शर्मा और क्षितिज निगम ने 1989-1990 में तीसरी पीढ़ी के Firewall का विकास किया! इसमें पैकेट प्रणाली फायरवॉल को पैकेट श्रखंला के अंदर सेट करने का काम हुआ! 

किसी भी System में इस प्रौद्योगिकी को एक निरीक्षण प्रणाली के तौर पर देखा गया! जिन्हें State full Firewall कहा जाता है! यह देखते हैं कि कोई पैकेट अवैध है या वेध है! 

फायरवॉल कितने प्रकार के होते हैं – Types of Firewall in Hindi

मुख्यतः Firewall तीन प्रकार के होते हैं!

  1. Packet Filtering Firewall
  2. Software Firewall
  3. Hardware Firewall

1. Packet Filtering Firewall

ये Packet Filtering Firewall छोटे System के लिए अधिक उपयुक्त माने जाते हैं! इनका उपयोग IP Addresses, Protocols and Ports के आधार पर Pass या Fail करने के लिए Network Access को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है! यह किसी Router से या किसी स्विच से जुड़े इंटरनेट नेटवर्किंग पर एक सुरक्षा चौकी की तरह कार्य करता है! 

हर डाटा पैकेट में एक हैडर होता है जो डाटा को one by one भेजता है! Packet Filtering Firewall तय करता है कि हैडर के अनुसार डाटा पैकेट को अनुमति दी है या नहीं! Packet Filtering Firewall डाटा को चेक नहीं करता सिर्फ यह चेक करता है कि डाटा कहाँ से आया है, डाटा का प्रोटोकॉल क्या है, किस Port Number से आया है!

अगर कोई भी हैकर किसी डेटा के अंदर कोई Code भेज देता है तो वह सीधे आपके System पर आ जायेगा! यही नुकसानदायक भी माना जाता है! 

2. Software Firewall

यह Firewall एक Software होता है जिसे Computer में Install किया जाता है! अक्सर यह Operating System में Installed रहता है! यह Option हमेशा on रहता है!

जब भी आप कोई भी Software या Game को Install करते हैं तो हमें Popup दिखाई देता है! यही पर Firewall User से उसे Install करने की परमिशन मांगी जाती है! अब आप चाहे तो उसे Install कर सकते हैं या Popup को Remove कर सकते हैं! तो इस तरह Firewall हमारे कंप्यूटर को हैकर्स से बचा के रखते हैं! 

Software Firewall हमारे Computer में तीन तरह के होते हैं – 

  • Domain Network 
  • Private Network 
  • Public Network 

आप अपने Computer की System & Security Setting में जाकर देख सकते हैं! 

3. Hardware Firewall

यह Firewall सभी राउटर्स में मौजूद रहते हैं! जो हमारे Computer में किसी भी Unwanted चीज को जाने से रोकते हैं! Routers के अलावा ये किसी भी Hardware के रूप में हो सकते हैं! बहुत सारे Systems जब एक ही Router का Use करते हैं तो वहां पर Firewall Enable कर दिया जाता है! 

आपने अक्सर देखा होगा कई कंपनियों के Computers में यह देखने को मिलता है! काम करने वाले लोग सिर्फ काम के Software को ही एक्सेस कर पाते हैं! ये सभी Computers एक ही सर्वर से जुड़े होते हैं और यहां पर Firewall Option को on कर दिया जाता है! 

Firewall के क्या फायदे हैं – Benefits of Firewall in Hindi

  • आप अगर Windows System Computer का Use करते हैं तो आपके Computer में जो Software’s हैं वो सब सुरक्षित रहेंगे क्योंकि Windows System में इसे Install करने की जरूरत भी नहीं होती है! 
  • जो भी बाहरी ट्रैफिक आता है Firewall उसे रोकता है! मानक नियम के आधार पर ही इजाजत देता है! 
  • एक Computer Network से दूसरे Computer Network में जब भी कोई File Share होती है तो Firewall दूसरे System से आने वाले Virus को रोकता है! 
  • आप Firewall Rule Blocking बनाकर Keywords को Block कर सकते हैं! 
  • Firewall System के लॉगिन प्रोसेस के समय Network Traffic की जाँच करता है और Data Source को Analyze भी करता है! 

किसी भी प्रोग्राम में Firewall को Enable या Disable कैसे करें?

  • सबसे पहले आप अपने Start Menu पर जाएँ और Control Penal पर click करें! 
  • यहां से आप System and Security पर click करे! आगे आप System and Maintenance पर क्लिक करें!
  • आगे Security में View in Windows Security पर क्लिक करें!
  • यहां आप Allow on App Through Firewall पर जाएँ! सभी प्रोग्रामों की एक सूची खुलेगी जिनमें एक चेक बॉक्स होगा।
  • अब आप उस प्रोग्राम के बॉक्स को अनचेक करें जिसे आप ब्लॉक करना चाहते हैं! 
Firewall in Hindi
Firewall in Hindi

अगर आप चाहते हैं कि एक Public Network से Connect करने पर Program को Block कर दिया जाए लेकिन एक Private Network से Connect करने पर उसे Unblock कर दिया जाए तो प्रोग्राम की सूची के दाईं तरफ उपयुक्त Checkbox को Check और Uncheck करें!

सभी Setting को करने के बाद नीचे OK पर क्लिक कर दें! 

System पर इनस्टॉल किए गए Programs की सूची में से एक प्रोग्राम को जोड़ने के लिए Add Another Program बटन पर Click कर सकते हैं!

निष्कर्ष – Conclusion

हमें उम्मीद हैं आपको Firewall के बारे में सम्पूर्ण जानकारी फ़ायरवॉल क्या होता है? (What is Firewall in Hindi) Firewall क्यों इस्तेमाल किया जाता है! फ़ायरवॉल कितने प्रकार के होते है (Types of Firewall in Hindi) और अपने Computer में Software में Firewall को कैसे Enable Enable या Disable करें! प्राप्त की!

उम्मीद है आपको इस पोस्ट What is Firewall in Hindi से Firewall के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा! अगर आपके पास इस पोस्ट से संबधित किसी प्रकार का कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताये! और पोस्ट को सोशल मिडिया (WhatsApp, Facebook, Instagram, twitter Etc.) पर जरूर शेयर कीजिये!

पूरा पोस्ट पढ़ने हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद! 

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