आज के इस ब्लॉग में हम एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करते है? Affiliate Marketing Kaise karte Hai और Affiliate Marketing Model के बारे में जानकारी देने वाले है!

जिससे आपको यह पता चलेगा की आखिर Affiliate Marketing Sale पर किस किस तरीके से और कितना पैसा आप Commission के तौर पर कमा सकते है! 

क्या आपको पता है Affiliate Marketing Sale पर कितना कमीशन मिलता है? पिछले ब्लॉग पोस्ट में हमने एफिलिएट मार्कटिंग क्या होता है? के बारे में आपको बताया था!

Affiliate Marketing का सीधा मतलब होता है की आप किसी और के प्रोडक्ट को Sale कर रहे है! और उस Product Owner द्वारा हर एक Sale में कुछ पैसे Commission के तौर पर आपको दिया जाता है!   

अब आप सोच रहे होंगे की किसी भी Product को बेचने पर आपको कितना Commission मिलेगा! और क्या जब Product Sale होगा तब ही पैसे मिलेंगे! तो यदि आप यह सोच रहे है तो आप बिलकुल सही जगह पर है!

How to Do Affiliate Marketing in Hindi

[ Affiliate Marketing Kaise Karte Hai – Affiliate Marketing Model ]

इसलिए आज के इस हिंदी लेख में हम एफिलिएट मार्केटिंग मॉडल्स के बारे में पूरी जानकारी लेंगे! इससे आपको एफिलिएट मार्केटिंग में कौन से प्रोडक्ट को बेचना ज्यादा फायदेमंद है और नहीं जानने में आसानी होगी!

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे करते है – Affiliate Marketing Kaise Karte Hai

Affiliate Marketing करने के लिए सबसे पहले आपके पास Internet में आपकी ऑडियंस होनी चाहिए जो आपको सुनती है या आपके द्वारा लिखे लेखो को पड़ती है!

इसके लिये आप अपनी कोई एक वेबसाइट बना सकते है या फिर आप अपना कोई YouTube Channel चला रहे है तो आप आसानी से Affiliate Marketing कर सकते है!

इसके अलावा यदि आप अन्य किसी Social Media Platforms पर अधिक Active रहते है और आपके पास किसी Social Media Application मे एक अच्छा यूजर बेस है जो आपको Follow करते है! तो आप इन Social Media Platforms से भी Affiliate Marketing कर सकते है!

इसके बाद Affiliate Marketing करने के लिए आपको अलग अलग कंपनियों के Affiliate Program को Join करना होता है और उनके प्रोडक्ट को सेल करना होता है!

किसी भी कंपनी के एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करके उस कम्पनी के प्रोडक्ट्स को सेल करने पर जो भी कमीशन आपको मिलता है वह Affiliate Marketing Model पर आधारित होता है!

एफिलिएट मार्केटिंग मॉडल क्या है – Affiliate Marketing Model in Hindi

यदि आपको यह पता चल जाये की किसी Product Sale करने से कितना पैसा Commission के रूप में मिलेगा! तो आप उसके हिसाब से ही उस Product को बेचने में मेहनत करोगे! 

और वाकही यह जानकारी आपको होना जरुरी है की जिस भी प्रोडक्ट को आप सेल करने जा रहे है! क्या उसको सेल करने पर आपको अच्छा Commission मिल रहा है या नहीं! तो इसलिए आपको बता दे की यह कमीशन पूरी तरह से Affiliate Marketing Model पर निर्भर होता है!

Types of Affiliate Marketing Models

  1. CPL (Cost Per Lead)
  2. CPS (Cost Per Sale Fixed Commission)
  3. CPS (Cost Per Sale Percentage Based)
  4. CPI (Cost Per Install)
  5. CPD (Cost Per Download)

1. CPL (Cost Per Lead)

Affiliate Marketing CPL का फुल फॉर्म Cost par Lead होता है! जिसका मतलब की यदि आप किसी CPL प्रोडक्ट को प्रमोट करते है तो आपको इस प्रोडक्ट के सेल होने और न होने से कोई मतलब नही होता है! 

अब आप कहेंगे की इन प्रोडक्ट्स पर कमीशन कैसे मिलेगा तो आपको बता दे CPL प्रोडक्ट्स में आपको केवल लीड जेनेरेट करनी होती है! और प्रोडक्ट के एक लीड पर लगभग 5$ से 10$ या फिर इससे ऊपर कमीशन मिलता है!

इस मॉडल में विज़िटर को आपके एफिलिएट लिंक से Form भरना होता है और यदि आपका Affiliate Link इस्तेमाल करके कोई विज़िटर फॉर्म भरता है तो आपका कंपनी के लिये एक लीड जेनेरेट हो जाता है! जिसका कमीशन जल्दी आपको मिल जाता है!

2. CPS (Cost Per Sale Fixed Commission)

CPS का पूरा मतलब Cost Per Sale होता है! यानी की आपको एक सेल पूरा होने पर कमीशन के तौर पर मिलने वाला पैसा! Cost Per Sale में मिलने वाला कमीशन Fixed Amount होता है! 

यदि आपके Affiliate Link से कोई Visitor आपके द्वारा Promoted प्रोडक्ट खरीदता है! मतलब आपका एक सेल पूरा होता है तो इस सेल पर आपको एक Fixed Amount दिया जाता है!

CPS Affiliate Marketing in Hindi

CPS का सबसे अच्छा उदाहरण किसी वेब होस्टिंग को प्रमोट करना है! जैसे मान लीजिये आप A2 Web-Hosting को अपने Website में प्रमोट करते है!

तो यदि आपके एफिलिएट लिंक से कोई विजिटर A2 web-hosting खरीदता है तो आपको इस सेल का एक Fixed Amount Commission के रूप में मिलता है!

3. CPS (Cost Per Sale Percentage Based)

एफिलिएट मार्केटिंग मॉडल के इस CPS का पूरा मतलब भी Cost Per Sale ही होता है लेकिन इस प्रकार के Model में एक सेल पर Commission Percentage के हिसाब से दिया जाता है! 

उदाहरण के लिये आप किसी होटल के बुकिंग को ले सकते है! या फिर Booking.com वेबसाइट Affiliate Marketing के इसी Model पर कार्य करती है!

4. CPI (Cost Per Install)

CPI का पूरा नाम Cost Per Install होता है यानी की जब कोई Visitor आपके Affiliate Links से किसी Software या फिर Application को Install करता है तो आपको इस Installation का Commission मिलता है!

उदाहरण के लिये अपने कई Torrent Software Links देखे होंगे!

5. CPD (Cost Per Download)

CPD का फुल फॉर्म Cost Per Download होता है! इसका मतलब की यदि कोई विजिटर आपके Affiliate Link से किसी Software या फिर किसी Digital Product को Download करता है तो आपको इस Download का Commission दिया जाता है!

ये प्रोडक्ट कोई Photo Studio, Editing Software या फिर Digital Tools हो सकते है!

CPD Affiliate Marketing Model

[Top 25+] Paise Kamane Wala App 2021 से घर बैठे पैसे कमाओ

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस Hindi ब्लॉग में हमने Affiliate Marketing Kaise Karte Hai और Affiliate Marketing Model के बारे में जानकारी प्राप्त की जिससे आप यह आसानी से समझ गए होंगे की आप जो भी एफिलिएट प्रोडक्ट प्रमोट करने वाले है या फिर प्रमोट कर रहे है से आपको कितना Commission मिलेगा!

उम्मीद है आपको आज के इस आर्टिकल से Affiliate Marketing Commission के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा! अगर आपके पास इस पोस्ट से संबधित किसी प्रकार का कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताये! और पोस्ट को सोशल मिडिया (WhatsApp, Facebook, Instagram, twitter Etc.) पर जरूर शेयर कीजिये!

 इस लेख को पूरा पढ़ने हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here