हेल्लो दोस्तों, क्या आपको पता है SSL Full Form क्या है? SSL क्या है? SSL Certificate कितने प्रकार के होते है? और कौन सा SSL Certificate खरीदें? किसी भी वेबसाइट की सिक्योरिटी के लिए SSL सर्टिफिकेट का होना बहुत जरुरी होता है! आज के इस हिंदी लेख में हम आप तक SSL और SSL Certificate के बारे में बहुत महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने वाले है! तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े!

अक्सर आपने लगभग सभी वेबसाइट के URL के आगे एक लॉक बना हुआ देखा होगा! (चित्रानुसार). असल में यह लॉक उस वेबसाइट में SSL सर्टिफिकेट के होने को दर्शाता है और इसका मतलब यह होता है की इस वेबसाइट को SSL सर्टिफिकेट से सिक्योर किया गया है!

दरअसल SSL एक सिक्योरिटी लेयर होता है इसलिए प्रत्येक वेबसाइट में SSL सर्टिफिकेट का इस्तेमाल होना बहुत आवश्यक होता है! SSL सर्टिफिकेट आपके वेबसाइट को और आपके वेबसाइट की जानकारी को हैकर्स से सुरक्षित रखता है! 

तो चलिए इस ब्लॉग को आगे बढ़ाते है और SSL Full Form क्या है? SSL क्या है? SSL Certificate कितने प्रकार के होते है? और एसएसएल सर्टिफिकेट के बारे में (SSL Certificate in Hindi) विस्तार से जानते है!

SSL Full Form

एसएसएल फुल फॉर्म क्या है – SSL Full Form in Hindi

SSL Full Form: एसएसएल का फुल फॉर्म Secure Sockets Layer होता है! एसएसएल का पोर्ट नंबर 443 होता है!

SSL Full Form in Hindi: एसएसएल का हिंदी में पूरा नाम सुरक्षित सॉकेट लेयर होता है! SSL में सॉकेट शब्द का तात्पर्य यह है की आपके सर्वर और वेब ब्राउज़र के बिच सूचनाओं का आदान-प्रदान सॉकेट विधि से होता है!

एसएसएल क्या है – SSL Kya Hai in Hindi

SSL Kya Hai: एसएसएल एक Standard Security Technique यानी की मानक सुरक्षा तकनीक है! SSL एक ऐसा Encrypted Protocol है जो आपके Web Server और Web Browser के बिच एक Secure Connection तैयार करता है! और यह सुनिश्चित करता है कि आपके वेब सर्वर और ब्राउज़र के बिच में हो रहा ट्रांसफर डेटा हैकर्स से सुरक्षित है!

एसएसएल सर्टिफिकेट क्या है – SSL Certificate Kya Hai

SSL Certificate Kya Hai: एसएसएल सर्टिफिकेट एक तरह का Digital Certificate होता है! जिसे किसी Web Server और Browser के बिच में Encrypted Connection तैयार करने के लिए वेब सर्वर में Install किया जाता है! एक एसएसएल सर्टिफिकेट अपने साथ 2 Key’s को शामिल करता है! पहला Private Key और दूसरा Public Key. इसमें Private Key को सुरक्षित रखा जाता है! जबकि Public Key को Certificate के साथ Publicly Distribute (वितरित) किया जाता है!

आमतौर पर वेबसाइट में SSL Certificate के उपयोग से उस वेबसाइट में होने वाले Credit Card और Debit Card Transactions, Data Transfer, Username, Password या फिर किसी जरुरी प्राइवेट डाटा के लेनदेन को सुरक्षित किया जाता है!

इसलिए जब भी आप किसी वेबसाइट में अपने जरुरी डाटा का लेनदेन या फिर अपने क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से कोई ट्रांसक्शन करते है! तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें की उस वेबसाइट SSL Certificate का उपयोग किया जाता है!

चलिए अब जानते है की आखिर हम कैसे पता लगा सकते है की कौन सी वेबसाइट में SSL Certificate का इस्तेमाल हो रहा है! और कौन सी वेबसाइट बिना SSL Certificate के चल रही है! 

ssl ka full form

तो इसके लिए जब भी आप यह सुनिश्चित करना चाहते है की कोई वेबसाइट SSL Certificate का इस्तेमाल कर रही है या नहीं तो सबसे पहले आप उस वेबसाइट के URL को देखिये! यह यूआरएल या तो HTTP से शुरू होगा या फिर HTTPS से! 

HTTPS:// यदि यूआरएल HTTPS से शुरू होता है तो इसका मतलब यह वेबसाइट SSL Certificate का उपयोग कर रही है! और यह एक सिक्योर वेबसाइट है! यहां पर http के साथ लगे हुए s का मतलब secure शब्द से होता है!

आपको https के शुरुआत में एक ताले का चित्र भी दिखाई देता है! अगर आप इस ताले पर क्लिक करते है तो आपको SSL सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी प्राप्त हो जाती है!

SSL Certificate in Hindi

HTTP://  यदि URL http से शुरू होता है तो यह वेबसाइट SSL Certificate का उपयोग नहीं कर रही है और यह एक Unsecured Website है! इसलिए आप इस तरह की वेबसाइट जो http से शुरू होती है, में किसी भी प्रकार के लेनदेन करने से बचें!

SSL Certificate में क्या जानकारी होती है?

दरअसल एसएसएल सर्टिफिकेट को Certificate Authority द्वारा प्रदान किया जाता है! और एक एसएसएल सर्टिफिकेट में Certificate Authority के साथ साथ निम्नलिखित जानकारी शामिल है!

  • Domain Name जिसके लिए SSL Certificate जारी किया गया है!
  • उस व्यक्ति, कंपनी या Device की जानकारी जिसके लिए SSL Certificate जारी किया गया है!
  • Certificate Authority का नाम जिसने SSL Certificate जारी किया!
  • Certificate Authority के डिजिटल हस्ताक्षर
  • SSL Certificate जारी करने की तिथि
  • SSL Certificate की समाप्ति तिथि (Expiry Date)
  • Public Key

एसएसएल सर्टिफिकेट के प्रकार – SSL Certificate Types in Hindi

  1. सिंगल डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट (Single Domain SSL Certificate)
  2. वाइल्डकार्ड एसएसएल सर्टिफिकेट (Wildcard SSL Certificate)
  3. मल्टी-डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट (Multi-Domain SSL Certificate)
  4. डोमेन सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Domain Validation SSL Certificate)
  5. संगठन सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Organization Validation SSL Certificate)
  6. विस्तारित सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Extended Validation SSL Certificate)

1. सिंगल डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट (Single Domain SSL Certificate)

सिंगल डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट केवल एक डोमेन नाम मतलब की एक वेबसाइट को ही सिक्योर करता है! उदाहरण के लिए यदि हम अपने वेबसाइट के लिए सिंगल डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट का उपयोग करें तो यह सर्टिफिकेट केवल www.usehindi.com या usehindi.com को ही प्रोटेक्ट करता है!

इसके अलावा सिंगल डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट mail.usehindi.com या किसी अन्य sub-domain Name को प्रोटेक्ट नहीं करता है!

2. वाइल्डकार्ड एसएसएल सर्टिफिकेट (Wildcard SSL Certificate)

एक Wildcard SSL Certificate एक डोमेन के साथ साथ उसके कई Sub-Domain को सिक्योर करता है! यह wildcard character (*) के साथ एक सिंगल सर्टिफिकेट होता है! यहां * (Asterisk Symbol) का मतलब Sub-Domain Name से होता है!

उदहारण के लिए यदि हम अपने वेबसाइट के लिए Wildcard SSL Certificate का उपयोग करें तो यह सर्टिफिकेट www.usehindi.com के साथ साथ सभी sub-domain जैसे mail.usehindi.com या contact.usehindi.com को भी सिक्योर करता है!

3. मल्टी-डोमेन एसएसएल सर्टिफिकेट (Multi-Domain SSL Certificate)

Multi-Domain SSL Certificates एक साथ एक से अधिक वेबसाइट को प्रोटेक्ट करते है! यानी की आप एक सिंगल Multi Domain SSL Certificate को multiple वेबसाइट के लिए उपयोग कर सकते है!

उदाहरण के लिए माना आपके पास एक से अधिक बिज़नेस है और आप हर एक बिज़नेस के लिए एक अलग वेबसाइट को चलाते है! माना ये वेबसाइट निम्नलिखित है!

  1. www.example1.com
  2. www.website1.net
  3. www.mysite2.org
  4. www.myblog1.com

तो ऐसे में यदि आप अपने सभी वेबसाइट को SSL Certificate से सिक्योर करना चाहते है! तो सबके लिए अलग – अलग SSL Certificate लेने के बजाय आप एक Multi Domain SSL Certificate से सभी वेबसाइट को सिक्योर कर सकते है!

Multi-Domain SSL Certificate को UCC (Unified Communications Certificates) या SAN (Subject Alternative Name Certificates) भी कहा जाता है!

4. डोमेन सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Domain Validation SSL Certificate)

आमतौर पर Domain Validation SSL Certificate सस्ते या मुफ़्त होते हैं! इसका सबसे अच्छा उदाहरण Let’s Encrypt SSL Certificate है! डीवी एसएसएल सर्टिफिकेट 256-bit Encryption के साथ आता है!

ऐसे Website Owners जो केवल अपने वेबसाइट के Domain Name को ही Validate करना चाहते है Domain Validation SSL Certificate का इस्तेमाल करते है! यह सर्टिफिकेट दोनों www और बिना www Domain Name को Secure कर सकता है! 

5. संगठन सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Organization Validation SSL Certificate)

Organization Validation SSL Certificate में CA यानी की सर्टिफिकेट अथॉरिटी द्वारा कंपनी, व्यवसाय या फिर संगठन को validate किया जाता है! दरअसल आर्गेनाइजेशन वैलिडेशन SSL सर्टिफिकेट का मुख्य उद्देश्य उस व्यवसाय (Organization ) की संवेदनशील जानकारी को एन्क्रिप्ट करके सुरक्षित करना होता है जिसके द्वारा यह सर्टिफिकेट उपयोग किया जाता है!

आर्गेनाइजेशन वैलिडेशन SSL सर्टिफिकेट 2048-bit signature और 256-bit encryption के साथ आते है! और Domain Validated SSL Certificate की तुलना में ये ज्यादा सिक्योर और भरोसेमंद होते है

6. विस्तारित सत्यापन एसएसएल सर्टिफिकेट (Extended Validation SSL Certificate)

Extended Validation SSL Certificate को Domain Validation और Organization Validation SSL Certificates की तुलना में प्राप्त करना कठिन होता है! क्युकी इस SSL सर्टिफिकेट को प्राप्त करने के लिए कुछ Globally Standardized Identity Verification Process को फॉलो करना पड़ता है! और उसके बाद इस SSL सर्टिफिकेट को Activate होने में लगभग एक हफ्ते का समय लगता है!

एसएसएल सर्टिफिकेट के फ़ायदे – SSL Certificate Benefits

अभी तक आप SSL सर्टिफिकेट क्या है और इसके प्रकार के बारे में बहुत कुछ जान चुके होंगे! तो चलिये अब जानते है की SSL Certificate के फ़ायदे क्या होते है! 

👉 एसएसएल सर्टिफिकेट आपके वेबसाइट के विज़िटर के डेटा की सुरक्षा करता है!

👉 SSL आपके Website के Google Search Rankings को Boost करता है! 

👉 SSL सर्टिफिकेट आपके वेबसाइट के Customer Trust & Revenue को Increase करता है!

👉 एसएसएल सर्टिफिकेट आपके वेबसाइट को Net Phishing और अलग – अलग तरह के साइबर Attacks से प्रोटेक्ट करता है!

SSL Certificate कौन सा खरीदें?

अभी तक आप SSL क्या है और SSL Certificate के कितने प्रकार होते है के बारे में अच्छे से जान चुके होंगे तो अब सबसे ज्यादा यह सवाल पूछा जाता है की आखिर हम SSL Certificate कौन सा खरीदें? तो यदि आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते है तो आपको ऊपर बताये गए SSL Certificate के टाइप्स को समझना बहुत आवश्यक है!

इसलिए यदि आपकी कोई E-Commerce Website है जिसमे हर दिन लोग अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ट्रांसेक्शन करते है तो आपको अच्छी कम्पनी का और भरोसेमंद SSL Certificate खरीदना चाहिए!

लेकिन अगर आप कोई Knowledge Base Blogging Website चलाते है जिसमे आपके विज़िटर्स को किसी भी तरह का कोई ट्रांसेक्शन नहीं करना होता है और ना ही लॉगिन करने के लिए Username और पासवर्ड की जरूरत होती है तो इस प्रकार के वेबसाइट में आप जैसे की Let’s Encrypt SSL Certificate जो की बिलकुल फ्री होते है इस्तेमाल कर सकते है!

यदि आप अपने वेबसाइट में Let’s Encrypt SSL Certificate उपयोग करना चाहते है तो आप अपने वेब होस्टिंग प्रोवाइडर से बात करके इस्तेमाल कर सकते है! या फिर आप खुद भी इसे अपने वेबसाइट में इनस्टॉल कर सकते है!

इसी प्रकार यदि आप अपने कम्पनी के लिए SSL सर्टिफिकेट सर्च कर रहे है तो आप Wildcard SSL Certificate और Organization Validation SSL Certificate को उपयोग में ला सकते है!

निष्कर्ष – Conclusion

आज के इस हिंदी आर्टिकल में हमने SSL क्या होता है? SSL Ka Full Form. SSL Certificate Kya Hai, SSL Certificate Types, एसएसएल सर्टिफिकेट कैसे काम करता है और साथ ही एसएसएल सर्टिफिकेट के बारे में (SSL Certificate in Hindi) बहुत महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से जाना!

हमे आशा है की इस हिंदी आर्टिकल के माध्यम से आपको SSL और SSL Certificate के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा! यदि आपके मन में SSL Certificate को लेकर कोई सवाल या सुझाव हो, तो हमें कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर बताएं!

आपका पूरी पोस्ट पढ़ने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद!

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों का ख्याल रखें!

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